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सफलता का मंत्र संस्कार, आत्मचिंतन व आत्ममंथन : डॉ. संजय रघटाटे


नागपुर। उत्तर नागपुर स्थित आर्य विद्या सभा द्वारा संचालित दयानंद आर्य कन्या विद्यालय एवं कनिष्ठ महाविद्यालय अपने छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। विद्यार्थियों के मनोबल को बढ़ाने के लिए शाला में समय-समय पर विभिन्न कार्यक्रमों एवं वेबीनार का आयोजन किया जाता है। 

उसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए सत्र 2021 - 22 के अंतर्गत कक्षा 12 वीं की छात्राओं की विदाई समारोह में छात्राओं की निराश मन:स्थिति को सकारात्मक स्वरूप देने हेतु प्रेरक वक्ता डॉ. संजीव रघटाटे का प्रेरणादायक उद्बोधन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का प्रारंभ यज्ञ हवन से हुआ। 

संजयजी ने अपने उद्बोधन में बताया कि युवा पीढ़ी संस्कारों को भूलती जा रही है। बिना संस्कारों के व्यक्तित्व विकास नामुमकिन है। जीवन में जब तक संस्कार, अनुशासन व आत्मविश्वास जैसे मूल तत्वों  को अपनाया नहीं जाता तब तक जीवन के उच्चतम शिखर को छूना असंभव है। इन मानवीय मूल्यों के प्रति ईमानदार रहिए और माता-पिता के सम्मान और गौरव को बढ़ाइए। 

प्राचार्या तेजिंदर वेणुगोपाल ने समस्त विद्यार्थी वर्ग को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि माता - पिता व गुरुजनों का सम्मान करें। परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के लिए ज्ञान को आत्मसात करें। शिक्षकों द्वारा विषय विशेष से संबंधित महत्वपूर्ण लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित  करें। अंत में प्राचार्या ने बोर्ड परीक्षा संबंधी निर्देश देते हुए विद्यार्थियों की सफलता की कामना की। 

कार्यक्रम का संचालन हर्षा मानवटकर ने किया। कार्यक्रम का समापन शांति पाठ से हुआ। आर्य विद्या सभा के अध्यक्ष अशोककुमार कृपलानी, सचिव राजेश लालवानी व इंचार्ज वेद प्रकाश आर्य ने भी अपनी शुभकामनाएं व्यक्त कीं।

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