पुलक मंच परिवार ने किया महिलाओं का सम्मान
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मुनिश्री जयकीर्तिजी गुरुदेव के सानिध्य में हुआ आयोजन
नागपुर। पुलक मंच परिवार और राष्ट्रीय जैन महिला जागृति मंच द्वारा श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन खंडेलवाल मंदिर ट्रस्ट के विशेष सहयोग से मंगलवार को महिला दिवस का आयोजन किया गया.
विशिष्ठ राम कथाकार, ध्यान दिवाकर, अनुष्ठान विशेषज्ञ मुनिश्री जयकीर्तिजी गुरुदेव के सानिध्य में जूनी शुक्रवारी स्थित श्री. पार्श्वनाथ दिगंबर जैन खंडेलवाल मंदिर ट्रस्ट के प्रांगण में हुआ. प्रमुख अतिथि वैशाली अरुण नखाते, स्मिता संतोष जैन पेंढारी थी.
सत्कार मूर्ति देश की जैन समाज की पहली प्रतिष्ठाचार्य ब्र. पल्लवी दीदी कोल्हापुर, समाजसेवी मीना जैन बाकलीवाल, रूबी सोशल वेलफेयर ट्रस्ट की अध्यक्षा रुबीना पटेल, सुप्रसिद्ध गायिका सुरभि ढोमणे, मंच की कार्याध्यक्षा कल्पना सावलकर प्रमुखता से उपस्थित थे.
समारोह में दीप प्रज्ज्वलन अतिथियों के हस्ते हुआ. अतिथियों का परिचय हर्षा वेखंडे ने दिया. स्वागत गीत मनीषा नखाते, आरती महात्मे, प्रतिभा नखाते, मंगला मेंढे ने प्रस्तुत किया. गुरूदेव का चरण प्रक्षालन विमलबाई बिबे परिवार ने किया. गुरूदेव को जिनवाणी भेट शालिनी नरेंद्र तुपकर ने दी. अनुश्री चिकनकर, रिद्धि मेंढे ने नृत्य प्रस्तुत किया. ब्र. पल्लवी दीदी, मीना जैन बाकलीवाल, रुबीना पटेल, सुरभि ढोमणे का अतिथियों शाल, श्रीफल, धर्म दुपट्टा, सम्मान पत्र, मोतियों की माला देकर सम्मानित किया.
इस अवसरपर जयकीर्तिजी गुरुदेव ने कहा महिला का दिवस नहीं, उनका जीवन होता हैं. महिला के बिना सृष्टि की कल्पना नहीं की जा सकती. जीवन की सफलता, जीवन के विकास के लिए, महिला के बिना नहीं हो सकती हैं. स्त्री की शोभा नहीं, नारी का सम्मान होता हैं, पूजा की जाती हैं वहां देवता भी पूजा करते हैं. स्त्री के बिना संसार की कल्पना असंभव हैं. जिस देश में स्त्री का अनादर होता हैं वह देश, समाज सुखी नहीं होता. महिला हो या पुरूष, छोटे हो या बड़े सभी की भावना होती हैं और भावना का सम्मान होना चाहिए.
मंदिर और परिसर की सुरक्षा करनेवाली कविता ठाकरे का विशेष सम्मान स्मिता जैन पेंढारी, वैशाली नखाते ने किया. उपस्थित विभिन्न महिला मंडलों की प्रतिनिधी प्रतिमा सावरकर, अर्चना श्रावणे, रजनी फुलंबरकर, जयश्री भुसारी, सुनीति बोहरा, मंजू गंगवाल, पिंकी पहाड़िया, मंदा उदापुरकर, प्रीति भरडे, नीलिमा थेरे, रेखा बड़जात्या, दीपाली आगरकर, माधुरी रायपुरकर,
सरिता सावलकर, शुभांगी पांडवकर, माया सावलकर, दीपा जैन, नीलम जैन, रेशमा जैन नागदा का सम्मान मनीषा नखाते, शीला भांगे, मनीषा रोहणे, विभा भागवतकर, आरती महात्मे, सुनंदा मचाले, मंगला मेंढे, ममता रणदिवे, ज्योति भुसारी, निकिता मुधोलकर ने किया. मंच संचालन स्वाति तुपकर, प्रस्तावना शुभांगी लांबाडे रखी. आभार प्रदर्शन कल्पना सावलकर ने किया.
समारोह में ज्योति पाटनी, मंगला शिवणकर, ज्योत्स्ना रणदिवे, संगीता नायगांवकर, वंदना व्यवहारे, रीता रांवका आदि उपस्थित थे.