99 वीं वर्षगांठ पर स्कूल ने दी मुकेश को आदरांजलि
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नागपुर/सावनेर। स्थानीय अरविंद इंडो पब्लिक स्कूल, हेती (सुरला )में प्रसिद्ध गायक मुकेश की 99 वीं वर्षगांठ अनूठे अंदाज में मनाई गई। स्कूली विद्यार्थी एवं शिक्षकों ने मुकेश के गीतों की कर्णप्रिय प्रस्तुति कर मुकेश को आदरांजलि दी।
स्कूल के प्राचार्य राजेंद्र मिश्र ने मुकेश के फिल्मी जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मुकेश की एक खास किस्म की गायकी थी। संगीतकार नौशाद ने उन्हें उनके अनोखे अंदाज में गवा कर नई पहचान दी। चंदन सा बदन गीत 'सरस्वती चंद्र 'फिल्म का था जिसे संगीत कल्याणजी -आनंदजी ने दिया था।
संगीत सम्राट तानसेन फिल्म का गीत 'झूमती चली हवा' भी बहुत हिट हुआ था। 'दिल जलता है तो जलने दे में कुंदन लाल सहगल की झलक मिलती है। बाद में मुकेश ने अपनी ही अलग शैली में अनेक सुपरहिट दर्द भरे गीत गाए। कुल 1300 गीत गाकर वे दुनिया को अलविदा कह गए।
आग से 'धरम -करम' तक उन्होंने एक से बढ़कर एक हिट गीत राजकपूर के लिए गाए। यह कहा जाने लगा था कि मुकेश राजकपूर की आवाज बन चुके हैं। चार 'फिल्मफेयर' और एक 'राष्ट्रीय फिल्म' पुरस्कार प्राप्त करने वाले मुकेश ने अनेक स्टेज शो भी किए। 1976 में अमेरिका का स्टेज शो उनका अंतिम 'शो' था।
शो के दौरान ही सीने में दर्द हुआ और हार्ट अटैक से उनकी मौत हो गई। लता मंगेशकर और उनके पुत्र नितिन मुकेश ने आगे पूरा कार्यक्रम पूरा किया।
मुकेश ने अपने फिल्मी कैरियर में राजकपूर ,मनोज कुमार, सुनील दत्त ,धर्मेंद्र ,फिरोजखान सहित कई अभिनेताओं को अपनी आवाज दी और उनकी कामयाबी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
स्कूली विद्यार्थियों ने संगीतमय आदरांजलि में भागीदारी निभाई। अरविंद बाबू देशमुख प्रतिष्ठान के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. आशीष देशमुख ने स्कूल के उपक्रम की सराहना की।