द्रौपदी मुर्मू की जीत भारत के साथ विश्व की महिलाओं का सम्मान
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नागपुर। भारत ही नहीं विश्व के कुछ चुनिंदा देश में महिला राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के पद पर नियुक्ति हुई। अब तक श्रीलंका, भारत, बांग्लादेश, इंग्लैंड, पाकिस्तान जैसे देशों में महिलाओं को प्रधानमंत्री जैसे पद पर कार्य करने के मौके समय समय पर मिले है। जिसमें भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को विरासत में राजनीति के होते हुए मौका मिला।
भारत की पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल को भी दीर्घ राजनीतिक अनुभव के वजह से सर्वोच्च पद मिला था। लेकिन झारखंड की पूर्व राज्यपाल श्रीमती द्रौपदी मुर्मू को काफी संघर्ष करने के बाद भारत के राष्ट्रपति के सर्वोच्च पद का ताज बड़ी मुश्किल से मिला। साथ ही द्रौपदी मुर्मू के परिवार में उनके बेटों, बेटी, पति के निधन से काफी दुःख का सामना करना पड़ा।
यही नहीं चुनाव से पूर्व आदिवासी उम्मीदवारी के कारण तरह तरह के बयान विपक्षी दलों की तरफ से दिए गए। यही नहीं विपक्षी दलों के राष्ट्रपति उम्मीदवार के दिए गए कटाक्ष, बयानों से द्रौपदी मुर्मू को उसका सामना करना पड़ा। भारत के सांसदों, विधायकों द्वारा दिए गए सहयोग से द्रौपदी मुर्मू की राह आसान हुई। समस्त भारतवासियों की तरफ से नवनिर्वाचित उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू को शुभकामनाएं।
द्रौपदी मुर्मू की जीत भारत ही नहीं विश्व की महिलाओं का सम्मान है। पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल के बाद भारत को और एक सशक्त महिला उम्मीदवार को राष्ट्रपति का ताज मिला है। आशा है भारत को महाशक्ति बनाने के लिए मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम में महिलाओं को विश्व में प्रमुख स्थान मिलेगा।
भारत जैसे देश में सरोजनीदेवी नायडू, झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, सावित्रीबाई फुले, इंदिरा गांधी, सुषमा स्वराज, शीला दीक्षित, वसुंधरा राजे के उल्लेखनीय योगदान को भुलाया नहीं जा सकता।