शहर में जनस्वास्थ्य खतरे में : सतीजा
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उदासीन हैं अधिकारी
नागपुर। लगातार हो रही बारिश के साथ तरह-तरह की बीमारियों में भी तेजी से इजाफा हो रहा है और जनस्वास्थ्य खतरे में पड़ता जा रहा है. समाजसेवी नरेंद्र सतीजा के अनुसार अधिकारियों की उदासीनता का खामियाजा नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है. जाहिर है कोरोना काल के बाद खोमचे वालों की तादाद तेजी से बढ़ी है लेकिन समुचित साफ सफाई के अभाव में स्थिति गंभीर होती जा रही है. विशेष तौर पर अधिकांश पानीपुरी के ठेलों पर अव्यवस्था नजर आती है.
गौरतलब है कि घातक बीमारियों के चलते दिल्ली में लगातार पानीपुरी के ठेलों से पानी के सैंपल लेकर दूषित पानी का उपयोग करने वालों पर कार्रवाई निरंतर जारी है. नागपुर में कितने बार सैंपल लिये ये तो अधिकारी ही जानें. पिछले वर्ष अपने उपयोग के लिए सड़क से बारिश का पानी जमा करने वाले खोमचे वाले का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. अनेक नाश्ते की दूकानों पर भी गंदगी देखी जा सकती है. अखबारों में नाश्ता देने पर पाबंदी के बावजूद यह सिलसिला बेरोकटोक जारी है. इन पर कभी कार्रवाई नहीं की जाती है.
आखिर जनस्वास्थ्य की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है. अन्न व औषधि विभाग केवल बडी होटलों पर कार्रवाई कर अपनी जिम्मेदारी पूरी समझ लेता है. अब प्रशासन ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की तो स्थिति और गंभीर हो जाएगी.
