16 जुलाई को कृषि जिंसों पर 5% जीएसटी के विरोध में भारत बंद
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नागपुर। जी एस टी काउंसिल के फैसले के बाद कृषि जिंस व्यापारियों ने 16 जुलाई को देश व्यापी कारोबार बंद का निर्णय लिया है। दि होलसेल ग्रेन एंड सीड्स मर्चेंट एसोसिएशन के सचिव प्रताप मोटवानी ने बताया जी एस टी लगाने का जी आर आज केंद्र सरकार की तरफ से आज जारी हो चुका है। पूरे देश में व्यापारियों में तीव्र असंतोष है पहिले ब्रांडेड अनाजों से शुरुवात कर अब नान ब्रांडेड दलहनों पर जी एस टी लगाना न्यायसंगत नहीं है इससे सभी जीवानश्यक वस्तुओ में भारी बढ़ोतरी होंगी जिसकी मार आम जनता पर लगेगी, किसान व्यापारी जनता सभी प्रताड़ित होंगे।
मोटवानी ने बताया कि गेंहू चावल दालों पर 5 फीसदी जी एस टी के विरोध में देश भर में 7300 मंडियां, 13 हजार दाल मिले,9600 चावल मिले हजारों आटा मिलें, 38 हजार आटा चक्की और पूरे देश में लाखों की संख्या में दुकानें बंद रहेगी, गत दिनों कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी सी भरतीया की अध्यक्षता में दाल भवन में व्यापारियों की भव्य सभा हुई जिसमे भारतिया ने जानकारी दी थी कि जल्दी ही दिल्ली जाकर भारत बंद की तारीख की घोषणा करेंगे। अध्यक्ष संतोष कुमार अग्रवाल ने भी सख्त विरोध कर आंदोलन करने की घोषणा की थी। उन्होंने बताया कि आजादी के बाद पहली बार जीवनश्यक वस्तुओ पर टैक्स लगाना बेहद दुखदायी है।
देश के सभी बड़े संघटनो ने जिसमे भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय चेयरमैन, बाबूलाल गुप्ता, नाग विदर्भ चेंबर ऑफ कामर्स, केमिट के अध्यक्ष दीपेन अग्रवाल, पूना मर्चेंट चेंबर और मुंबई दिल्ली सहित पूरे देश के संगठनो ने 16 जुलाई बंद की घोषणा की है। दि होलसेल ग्रेन एंड सीड्स मर्चेंट असो के अध्यक्ष संतोष कुमार अग्रवाल और सचिव प्रताप मोटवानी, विदर्भ दाल मिलर्स असो के अध्यक्ष भीमसेन गर्ग सचिव राजेंद्र शर्मा ने भी 16 जुलाई को बंद की घोषणा कर दी है।
मोटवानी ने बताया कि सरकार अगर जल्दी ही इसे अगर रद्द नहीं करती तो व्यापारियों का आंदोलन और तीव्र हो जायेगा मात्र 1 देश में व्यापार बंद होने से अरबों रूपयों का टर्न ओवर प्रभावित होंगा। देश में करीब 15 करोड़ छोटे बड़े व्यापारी इस कानून से प्रभावित होंगे। जी एस टी लगने के साथ उसके कठोर प्रावधान और नियमों से व्यापारी बेहद प्रताड़ित होंगे। देश हित आम जनता के राहत व्यापारियों के व्यापार किसानों के हित के लिए इसे तुरंत रद्द करना आवशयक है।

