रूद्रेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि के उत्सव की कलश यात्रा में विजयिनी सखी मंच की सखियाँ हुई सम्मिलित
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राऊत वाड़ी की बाड़ी है सनातन संस्कारी..
नागपुर। विजयिनी सखी मंच की सखियों को राऊतवाड़ी स्थित रूद्रेश्वर मंदिर द्वारा आयोजित महाशिवरात्रि के उत्सव में कलश यात्रा की जिम्मेदारी का सौभाग्य प्राप्त हुआ जो बेहद ही हृदयस्पर्शी पवित्रता को स्पर्श करता हुआ अनुभव रहा।
सर्वप्रथम आयोजक सखी संगीता राऊत का आभार करना चाहेंगे इस पवित्र पर्व में हमें निमंत्रित करने के लिए साथ ही साधुवाद करना चाहेंगे सफ़ल आयोजन के लिए। व्यस्तता के बावजूद अतिथि देव भव के सम्मान के लिए। संगीता जी संग संपूर्ण राऊत वाड़ी के भक्तजनों के भाव को श्रीवंदन करना चाहेंगे। जिन्होंने सनातन संस्कृति के वर्चस्व को स्थापित करते हुए एकता और अखंडता का आदर्श हमारे समक्ष रखा जो आज के आधुनिक एव व्यस्त समय में सुनने को भी नहीं मिलता आंखों से स्पर्श करने को मिला।
भारी तादाद की भीड़ कथा में देखनो को मिली। चंद कुर्सियां, मात्र बीमार तथा वृद्ध जनों के लिए शेष सभी भक्त जन नीचे आसन पर बैठकर प्रभु चरणन में स्वयम के भाव अर्पित कर रहे थे। प्रसन्न चित्त होकर।बिना किसी भेदभाव के। संपूर्ण राऊतवाड़ी में सकारात्मकता का अद्भुत उर्जा पसरा हुआ था मानों भोले नाथ सर्वत्र विराजें हो।
कलश यात्रा करते वक्त हमने देखा रास्ते में हर घर के सामने रोड को गीले पानी से धोया गया था, बड़ी बड़ी रंगोली बनाई गयी थी रोड पर ना की अपने द्वार के समक्ष, आसमान में तोरण लहराएं गए थे।भोले बाबा के पालकी के स्वागत में। इतना ही नहीं, हर घर के समक्ष, घर का हर एक सदस्य श्रद्धापूर्ण भाव से आरती की थाली, जल लिए बाबा का स्वागत करते दिखाई दिया। कलशधारी हम भक्त सखियां हो, ग्रंथधारी भाई जन, तुलसी धारी सखियां सबका तिलक करना,पग पखारना,पैर छूकर प्रणाम करना पूरा वातावरण भावविभोर पूर्ण था।पूरे परिसर में सफ़ाई और स्वच्छता जितनी तारीफ़ की जाए कम है।
अतिथि देव भव का भाव भक्त एवं आयोजक सखी संगीता जी को बारम्बार साधुवाद जाते ही साथ स्वयम अपने हाथों से फलाहारी का पान कराना तथा निकलते वक्त भी इस बात का ध्यान रखना अतिव्यस्तता के बावजूद। अंत में पवित्र ऊपहार देकर हम सखियों को सम्मानित किया। आइए हम सभी राऊत वाड़ी के निवासियों से सीखे सनातन के आदर्श को स्थापित करे एकजुट पवित्र भाव में खुद को समर्पित करें।
विजयिनी पूनम हिंदुस्तानी, विजयिनी डॉ शुभांगी वाघ, विजयिनी रिंकू घोष, विजयिनी जिन्नी सुदर्शन, विजयिनी रेखा पित्रोदा, विजयिनी मंजू देवांगन, विजयिनी विजयिनी सुजाता दुबे, विजयिनी बेबीनंदा रेवतकर, विजयिनी रिता मेहतो, विजयिनी मौसमी परतेकी, विजयिनी विधि ग्वालनी, विजयिनी रूचिता चिलबुले, विजयिनी युवरानी चिलबुले विशेष रूप से सम्मिलित हुई




