मुंह का कैंसर भारत का राष्ट्रीय रोग बनता जा रहा है : डॉ. मदन कापरे
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नागपुर। ‘जिस प्रकार राष्ट्रीय पशु, राष्ट्रीय पक्षी या राष्ट्रीय खेल एक पहचानपरक विशेषण है उसी प्रकार मुँह का कैंसर धीरे- धीरे भारत का राष्ट्रीय रोग-बनने की और अग्रसर है। मुंह के कैंसर के जितने रोगी भारत में है उतने विश्व के किसी भी देश में नहीं है और इसका एकमात्र कारण गुटखा और तंबाकू है। नई पीढ़ी बड़ी संख्या में इस विनाशकारी जहर का शिकार बनती जा रही है और इसे रोकने के लिए हर संभव प्रयास किए जाने बहुत जरूरी है’। ये उद्गार थे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान रखने वाले सुप्रसिद्ध ईएनटी सर्जन व नीति क्लीनिक्स के डायरेक्टर डॉ. मदन कापरे के जो उन्होंने विदर्भ हिंदी साहित्य सम्मेलन के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘संवाद’ में साहित्यकार डॉ. सागर खादीवाला से बातचीत करते हुए व्यक्त किये।
बाल्यावस्था से लेकर आज के मुकाम तक पहुंचने की जीवन यात्रा के दौरान आए कई रोचक घटनाक्रम ,उतार-चढ़ाव तथा स्मरणीय अनुभवों का बड़े रोचक ढंग से वर्णन करते हुए आपने युवा पीढ़ी को सलाह दी कि कभी भी निराशा को अपने ऊपर हावी नहीं होने देना चाहिए तथा जीवन के हर मोड़ पर आने वाली समस्याओं का स्थितप्रज्ञ की तरह अविचलित होकर सामना करते हुए अपने उद्देश्य की ओर लगातार अग्रसर होते रहना चाहिए। चिकित्सा क्षेत्र में आए क्रांतिकारी परिवर्तनों, उपकरणों तथा आधुनिक सुविधाओं का विस्तृत उल्लेख करते हुए आपने कहा कि कभी भी बीमारी के लक्षणों को हल्के में नहीं लेना चाहिए तथा शीघ्रताशीघ्र उसका समुचित उपचार करना चाहिए ताकि आगे आने वाले खतरों से बचा जा सके। श्रोताओं के प्रश्नों तथा जिज्ञासाओं का आपने बड़े रोचक ढंग से समाधान किया। कार्यक्रम में चिकित्सा जगत सहित अन्य क्षेत्रों के श्रोतागण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
