कुणबी सेवा संस्था काटोल की ओर से नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों का भव्य सम्मान समारोह संपन्न
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नागपुर। कुणबी सेवा संस्था काटोल की ओर से हाल ही में संपन्न हुए नगरपालिका एवं नगरपंचायत चुनावों में नवनिर्वाचित अध्यक्षों एवं सदस्यों का काटोल, नरखेड, मोवाड और कोंढाळी क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के लिए सम्मान समारोह महात्मा ज्योतिबा फुले सभागृह, काटोल में अत्यंत उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत राजमाता जिजाऊ एवं छत्रपति शिवाजी महाराज के चित्रों पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन से हुई। इसके पश्चात शिवाजी महाराज पर आधारित प्रेरणादायी गीत का सुंदर गायन सौ. रेखाताई मोहोड द्वारा प्रस्तुत किया गया। उनके मधुर स्वर ने उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
समाज के ऋण को चुकाने का आह्वान – रमेजी फिस्के पाटील
कुणबी सेवा संस्था काटोल के अध्यक्ष, सामाजिक कार्यकर्ता एवं समाज के लिए निरंतर कार्यरत रमेजी फिस्के पाटील ने अपने अध्यक्षीय भाषण में नवनिर्वाचित अध्यक्षों एवं सदस्यों को अमूल्य मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने कहा, “समाज ने हमें पहचान, आधार और अवसर दिए हैं। इसलिए समाज का हम पर ऋण है। इस ऋण को एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि के रूप में ईमानदार कार्य से कैसे चुकाया जाए, इस पर प्रत्येक को विचार करना चाहिए।”
इस अवसर पर उन्होंने कुणबी समाज के समक्ष आने वाली सामाजिक, शैक्षणिक एवं आर्थिक समस्याओं पर प्रकाश डालते हुए संस्था द्वारा वर्षभर चलाए जाने वाले विभिन्न उपक्रमों की जानकारी दी। इनमें - मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान, करियर मार्गदर्शन शिविर, प्रतियोगी परीक्षा मार्गदर्शन, विविध सामाजिक एवं शैक्षणिक शिविर, युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में प्रगति हेतु प्रोत्साहन आदि उपक्रमों का उल्लेख किया। समाज प्रबोधन हेतु संभाजी ब्रिगेड के प्रांतीय अध्यक्ष सुधांशु मोहोड को प्रमुख वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया। कुणबी सेवा संस्था काटोल-नरखेड की ओर से उनका शाल, श्रीफल एवं स्मृतिचिन्ह देकर सम्मान किया गया।
उन्हें “कुणबी समाज की स्थिति एवं समृद्धि के मार्ग” विषय पर वक्तव्य हेतु आमंत्रित किया गया था। अपने प्रभावी भाषण में उन्होंने निम्न बिंदुओं पर प्रकाश डाला - कुणबी समाज की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, भौगोलिक विस्तार एवं उपजातियाँ, शिक्षा : अंधकार से प्रकाश की ओर, भविष्य की दिशा : क्या करना आवश्यक है - शिक्षा के साथ कौशल विकास का महत्व, पिछड़ेपन के लक्षण एवं उपाय, भावनात्मक नहीं बल्कि व्यावहारिक नियोजन, वेतन के स्थान पर आय की अवधारणा पर जोर, उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि ‘केवल नौकरी तक सीमित न रहते हुए आय सृजन की सोच विकसित करें’। नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों का सम्मान कार्यक्रम के अंत में नवनिर्वाचित नगरपालिका/नगरपंचायत अध्यक्षों एवं सदस्यों का शाल, श्रीफल एवं स्मृतिचिन्ह देकर सम्मान किया गया।
यह सम्मान दिनकरराव राऊत, बबनराव लोहे, नरेश अरसडे, प्रा. कडू सर, सौ. रेखा मोहोड एवं सौ. अर्डक मैडम के करकमलों से संपन्न हुआ। नवनिर्वाचित सदस्यों ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए समाज के सर्वांगीण विकास हेतु कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।
कार्यक्रम का सूत्रसंचालन प्रा. प्रशांत अर्डक ने किया तथा आभार प्रदर्शन राऊत सर ने किया। कार्यक्रम की सफलता हेतु अशोक मोहोड, रत्नाकर बोंद्रे, स्वप्निल राऊत, श्री काकडे, श्री ठाकरे सहित संस्था के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने विशेष परिश्रम किए। इस अवसर पर विविध क्षेत्रों के मान्यवर, समाजबंधु एवं नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
