प्रेरक कहानियों के सारांश को जीवन मे उतारना जरूरी है : सचिन माथुरकर
उभरते सितारे मे 'स्वागतम् 2026'
नागपुर। आज इन बच्चों के बीच आकर और उनकी प्रस्तुतियां देखकर मुझ में भी एक उत्साह के साथ- साथ युवापन का एहसास हो रहा है। आप में से कितने लोग पेड़ पौधे लगाते हैं या बीज बोते हैं। बीज लगाने से लेकर पौधे में फूल और फल आने की प्रक्रिया तक पानी देना, खाद देना और विशेष सूर्य की तेज रोशनी भी पौधे के लिए आवश्यक होता है। यही प्रक्रिया सभी बच्चों के विकास के लिए जिंदगी में जरूरी होती है। आपकी कला के लिए भी इसी तरह का प्रयास 'उभरते सितारे' इस मंच के द्वारा हो रहा है। कहानियां सुनने से फायदा नहीं होता है बल्कि, उसके सारांश के अर्थ को अपने जीवन में कार्य द्वारा उतारना जरूरी है। यह विचार सचिन माथुरकर ने बच्चों और उनके अभिभावकों के बीच रखें। तथा, शारीरिक और मानसिक विकास के लिए सुंदर और सरल योग के प्रात्यक्षिक दिखाएं और सबसे करवाया भी।
विदर्भ हिंदी साहित्य सम्मेलन का नवोदित प्रतिभाओं को समर्पित उपक्रम 'उभरते सितारे' का आयोजन हिंदी मोर भवन के उत्कर्ष हॉल में किया गया। कार्यक्रम का विषय 'स्वागतम् 2026' पर आधारित शिक्षाप्रद, ज्ञानवर्धक और संगीतमय प्रस्तुतियों से भरा रहा। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप मे सुप्रसिद्ध योग गुरु और मार्गदर्शक एवं सुख शांति समाधान सोसायटी के अध्यक्ष सचिन नीलकंठ माथुरकर उपस्थित थे। इनका सम्मान संयोजक युवराज चौधरी ने स्वागत वस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर किया। इस अवसर पर एमएसईबीसी से सेवानिवृत्ति चीफ इंजीनियर यशवंत गायकवाड प्रमुखता से उपस्थित थे।
तत्पश्चात, गीत संगीत से बच्चों की प्रस्तुतियां सराहनीय रही। जिसमें, संपूर्णा रेमंडल ने नव वर्ष पर एक सुंदर कविता सुनाई। देवांशी पटनायक तथा पर्व डांस एकेडमी से कृष्णाश्री गवळी, संस्कृति गवळी, खुशाल बावने, आर्यन बेलसरे, अक्षय जुनघरे, प्राप्ति वाकोड़कर, क्रियांश जुनघरे, हर्षिका बावने आदि ने शानदार नृत्य की प्रस्तुति से नव वर्ष का आनंद द्विगुणित कर दिया । किशन वर्मा के जेके डांस एकेडमी से क्रिती करमाकर, पुबाली करमाकर ने शानदार बॉलीवुड डांस से सबका मन मोह लिया। संपूर्णा रेमंडल ने शास्त्रीय नृत्य से सबको प्रभावित किया। देवांशी पटनायक और अर्चिता लखोटे ने सुंदर गीत गाकर समां बांध दिया। कृष्णाश्री गवळी ने एंजेल के रूप में एक छोटा सा एक्ट किया। नक्षत्र मस्के ने अपने गुरु के साथ मिलकर योग के प्रात्यक्षिक किया।
बच्चों की प्रस्तुतियों को उनके अभिभावकों के साथ-साथ पर्व एकेडमिक की डायरेक्टर रंजना माकोने, अश्विन अजय लखोटे, कृष्णा कपूर, मोनिका रेमंडल, ईश्वर शर्मा, नीलिमा मस्के, तेजस्विनी राऊत, देवस्मिता मानस पटनायक, रीता शर्मा, वैशाली मदारे, शुभांगी वाकोडकर, मोनिका बावने, वृषाली जुनेघरे आदि ने बहुत सराहा। कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रशांत शंभरकर ने सहयोग दिया। अतिथि का परिचय सहसंयोजिका वैशाली मदारे द्वारा हुआ। कार्यक्रम का संचालन एवं उपस्थित सभी दर्शकों, कलाकारों और बच्चों का आभार संयोजक युवराज चौधरी ने अपने शब्दों में व्यक्त किया।