कृष्ण नागपाल के उपन्यास ‘बदलते मौसम की पाती’ का विश्व पुस्तक मेले में लोकार्पण
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नागपुर। महाराष्ट्र की उपराजधानी नागपुर से प्रकाशित होने वाले राष्ट्रीय साप्ताहिक ‘राष्ट्र पत्रिका’ के संपादक, साहित्यकार कृष्ण नागपाल के नवीनतम उपन्यास ‘बदलते मौसम की पाती’ का विमोचन हाल ही में विश्व पुस्तक मेला, नई दिल्ली में संपन्न हुआ।
यह कथाकार, उपन्यासकार कृष्ण नागपाल की तेरहवीं सशक्त कृति है। इस आत्मकथात्मक उपन्यास में लेखक ने अपनी ही जीवन यात्रा को अत्यंत रोचक ढंग से शब्दांकित किया है। देश के विख्यात प्रकाशन संस्थान ‘किताबवाले’ के सुसज्जित भव्य मंच पर उपस्थित साहित्यकारों तथा अपने-अपने क्षेत्र के विद्वानों ने औपन्यासिक शैली में लिखी गई रोचक आत्मकथा ‘बदलते मौसम की पाती’ को दिल और दिमाग में बस जाने वाली कृति बताते हुए खुले दिल से प्रशंसा की।
लोकार्पण समारोह की अध्यक्षता कर रहे विख्यात व्यंग्यकार श्री सुभाष चंदर के शब्द थे, 'नागपाल के सशक्त लेखन से मैं बीते कई वर्षों से वाकिफ हूं। अपने तथा दूसरों के भोगे हुए यथार्थ पर कहानियां तथा उपन्यास लिखने मेें उन्हें महारत हासिल है'। देश के जाने-माने साहित्यकार श्री गिरीश पंकज ने अपने प्रभावी संबोधन में कहा, यह उपन्यास नागपाल के निजी और सामाजिक अनुभवों का संतुलित दस्तावेज है, जिसमें संघर्ष हैं, हार भी है और जीत भी।
इस रोचक उपन्यास में यथार्थ और कल्पना का जो संसार रचा गया है वह पाठकों को निरंतर अपने साथ जोड़ता चला जाता है। साथ ही उनके मनोबल को भी विस्तार देता है। संयोगवश मैं लेखक नागपाल के पचास साल के जीवनक्रम में उनके रचनात्मक लेखन का साक्षी रहा हूं। पत्रकार के भीतर तेजी से पनपते साहित्यकार को मैंने बहुत करीब से देखा है, जो अब पूरी तरह से खिल चुका है।
छत्तीसगढ़ के रायपुर से महाराष्ट्र में शिफ्ट होकर एकदम नये शहर नागपुर से पहले ‘विज्ञापन की दुनिया’ फिर उसके बाद ‘राष्ट्र पत्रिका’ का सफल प्रकाशन और संपादन करके दिखाना उनके हौसले को दर्शाता है। यही हौसला ‘बदलते मौसम की पाती’ में भी दिखायी देता है। हिंदी और अंग्रेजी के सम्मानित लेखक डॉ. शब्द कुमार ने अपने शुभकामना संदेश में लिखा है कि मेरा दावा है कि कृष्ण नागपाल के बेस्ट सेलर उपन्यास ‘देह के पुल पर खड़ी लड़की’ की तरह ही ‘बदलते मौसम की पाती’ को भी देश और विदेश के पाठक हाथों हाथ लेंगे और यह उपन्यास भी इतिहास रचेगा।
आठ दिन तक चले विश्व पुस्तक मेले में बिक्री का रिकार्ड बनाते हुए आकर्षण का केंद्र बने उपन्यास ‘बदलते मौसम की पाती’ को विख्यात साहित्यकार दीविक रमेश ने अद्भुत और पठनीय कृति करार देते हुए नागपाल को बधाई और अनंत शुभकामनाएं दीं। विमोचन कार्यक्रम में प्रकाशक प्रशांत जैन, सुकून भाटिया, लेखिका प्रभा ललित सिंह, रीमा दीवान चड्ढा, सुधा कुमार, धीरज अरोरा, संजय कुमार, रमेश कुमार रिप्पु के साथ-साथ अन्य कई महानुभावों की उपस्थिति रही।
