'देश की जनता का अफवाहों पर क्या असर पड़ता है' पर हुई परिचर्चा
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विदर्भ हिन्दी साहित्य सम्मेलन के उपक्रम अभिनंदन मंच द्वारा आयोजन
नागपुर। विदर्भ हिन्दी साहित्य सम्मेलन के उपक्रम अभिनंदन मंच - ज्येष्ठ नागरिकों का सम्मान के अंतर्गत कार्यक्रम 'देश की जनता पर अफवाहों पर क्या असर पड़ता' इस विषय पर परिचर्चा की सुंदर प्रस्तुति रही। यह आयोजन हिंदी मोर भवन रानी झांसी चौक में किया गया।
प्रमुख अतिथि डॉ. आनंद शर्मा - अध्यक्ष जीरो माइल फाउंडेशन, नागपुर, विशिष्ट अतिथि माधुरी राउलकर गजलकार नागपुर की मंच पर उपस्थिति रही। अतिथियों का स्वागत विजय तिवारी एवं डॉ कृष्ण कुमार द्विवेदी ने अंगवस्त्र स्मृति चिन्ह से किया। प्रमुख अथिति आनंद शर्मा ने अपने उद्बोधन में सर्वप्रथम विदर्भ हिंदी साहित्य सम्मेलन के आयोजकों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की। देश की जनता में अफवाहों से लड़ाई की स्थिति निर्माण होती इसके कारण भाई चारे के आपसी रिश्ते में खराब होते है।अफवाहों के कारण भारी जन धन की हानि होती है।
माधुरी राउलकर ने अफवाहों के मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त किए। इसी के साथ गजल पढ़कर तालियों से वाह वाही मिली। सर्व प्रथम कार्यक्रम की शुरूआत हेमंत पांडेय ने राजनीति पार्टी के द्वारा अफवाह फैलाने से जनता के बीच में भ्रम की स्थिति पैदा होती हैं। कोरोना काल के समय में अफवाह के कारण दोगुने चौगुने दाम में वस्तुओं का भुगतान जनता को करना पड़ा।
लक्ष्मी नारायण केशकर ने कई मुद्दों पर अपने विचार रखे। मदन गोपाल वाजपेई ने कहा जनता के बीच में अफवाह फैलाने का षड्यंत्र रचा जाता है। जनता के बीच नमक बेचने की अफवाह फैलाकर किस तरह से लोग लाभ उठते है। अधिकारी का स्थानांतरण होकर आने के बाद अफवाह के कारण ऑफिस में स्ट्रिक्ट नियम सभी कर्मचारियों के अंदर निर्माण होती है। डॉ बालकृष्ण महाजन ने कहा गांव की घटना का उदाहरण देकर अफवाह फैलाने से स्वास्थ्य पर कितना गलत असर पड़ता है।
पंकज कुमार पंथ ने महाभारत के अश्वत्थामा और रामायण में केवट के प्रसंग और आसमान गिर रहा की अफवाह तथा बाजार में नैनो गाड़ी का अफवाह फैलाकर सुंदर उदाहरण देकर अपने विचार व्यक्त किए। विजय तिवारी ने कहा बेटियों की शादी के बारे में गलत अफवाह फैलाने से विवाह में व्यवधान पड़ते है। रमेश मौदेकर ने अफवाह से स्वयं शिकार होने का सुंदर उदाहरण देकर विचार प्रस्तुत किए।
एडोकेट जगत वाचपेई ने अपने वक्तव्य में नेता को कभी कभी जनता के बीच में झूठ बोलना पड़ता है राष्ट्र के हित में, फिल्म में अपने स्वार्थ हित के लिए 'हिटलर मारा गया' की अफवाह फैलाई जाती है। कार्यक्रम के संयोजक व संचालन डॉ. कृष्ण कुमार द्विवेदी ने किया।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में राजेंद्र मिश्रा, राजकुमारी फोपरे, वनिता पंथ, बच्चू पांडेय, अंबरीश दुबे, शरद कांबले, लक्ष्मीकांत कोठारी, राजीव गायकवाड, अनिता गायकवाड़, हरे राम शर्मा समीर पठान की उपस्थिति रही। आभार प्रदर्शन का दायित्व विजय तिवारी ने किया।
