संवाद और सम्पर्क के कार्यक्रम में शिक्षक- विद्यार्थी संबंध मजबूत करने पर जोर
नागपुर। सम्पर्क और संवाद कार्यक्रम के तहत आज नागपुर के सेंट उर्सुला विद्यालय में शिक्षक, विद्यार्थी और पालक के बीच सम्बंध विषय पर गहन विचार - विमर्श हुआ। आयकर विभाग, नागपुर के संयुक्त निदेशक संजय अग्रवाल की पहल पर आयोजित इस कार्यक्रम का निचोड़ था कि शिक्षकों को अपने विद्यार्थियों के साथ मजबूत संबंध स्थापित करने के लिए स्वयं को अधिक अनुशासित और संवेदनशील बनना होगा। वक्ताओं ने कहा कि विद्यार्थियों की मनःस्थिति को समझते हुए शिक्षकों को व्यावसायिकता से ऊपर उठकर कार्य करना चाहिए। वर्षों में जो विश्वास की कमी और संस्कारों का ह्रास हुआ है, उसे सुधारने में भी समय लगेगा, इसलिए शिक्षक और अभिभावक दोनों को धैर्य रखते हुए निरंतर प्रयास करने होंगे।
वक्ताओं की स्पष्ट राय थी कि केवल सेमिनार और औपचारिक कार्यक्रमों से विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान संभव नहीं है। इसके लिए बच्चों के साथ सार्थक संवाद स्थापित करना आवश्यक है। साथ ही, शिक्षा को जाति, वर्ग और धर्म के आधार पर विभाजित करने के खिलाफ भी एकजुट होकर कार्य करना होगा ताकि समान रूप से शिक्षा का देश के सभी बच्चों को लाभ मिल सके। सभी वक्ता इस बात से भी सहमत थे कि आज का युवा तर्क और सत्य के आधार पर समझना चाहता है इसलिये उन्हें समझाने के लिए नैतिक शिक्षा का भी सहारा लेना होगा। सभी वक्ताओं ने पाठ्यक्रम में आवश्यक बदलाव करने की भी आवश्यकता पर बल दिया। श्री संजय अग्रवाल ने सभी वक्ताओं और श्रोताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन सम्भव है।