Loading...

उदय टेकाड़े को 'कारी - 2026 कला गौरव पुरस्कार' से किया सम्मानित


नागपुर। ‘कारी' 26 - राष्ट्रीय कला संगम' हाल ही में नागपुर के दक्षिण मध्य क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित किया गया था। यह कार्यक्रम एमआईटी कला, डिजाइन और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पुणे द्वारा आयोजित किया गया था। 
नागपुर में आयोजित एक भव्य समारोह में, एम.जे. कॉलेज भगिनी मंडल सीताबर्डी नागपुर के निदेशक उदय टेकाड़े को 'कला गौरव पुरस्कार' से सम्मानित किया गया। 

महाराष्ट्र के आवास और स्कूल शिक्षा राज्यमंत्री पंकज भोयर ने उन्हें शॉल, श्रीफल का पौधा और पदक देकर सम्मानित किया। इसके साथ ही डॉ. नचिकेत ठाकुर प्रो वाइस चांसलर डॉ. ए.एस. सूरज भोयर, डायरेक्टर, एडीटी यूनिवर्सिटी; माननीय श्री. पंकज दवंडे (स्कूल ऑफ फाइन आर्ट्स एंड एप्लाइड आर्ट्स) माननीय श्री  प्रो. मंगेश दवंडे (आर्ट डिपार्टमेंट नागपुर) वगैरह जाने- माने लोग मौजूद थे। 

इस मौके पर, राज्यमंत्री पंकज भोयर ने कहा कि - कला समाज का आईना है, और हमारी संस्कृति को बचाने वाले कलाकारों को सपोर्ट करना सरकार की ज़िम्मेदारी है। इस मौके पर मौजूद लोगों ने तीस सालों तक कला के क्षेत्र में बिना किसी स्वार्थ के योगदान देने के लिए उदय टेकाडे की तारीफ़ की और उन्हें शुभकामनाएं दीं। उदय टेकाडे ने इस सफ़र के दौरान समाज के कई गंभीर मुद्दों पर अपनी पेंटिंग एग्ज़िबिशन के ज़रिए समाज के गंभीर और संवेदनशील मुद्दों को सामने लाने की कोशिश की। 

उनकी संस्था M.J. कॉलेज भगिनी मंडल सीताबर्डी नागपुर (महालक्ष्मी जगदंबा कॉलेज) 2004 से सुनामी, बलिराजा की आत्महत्या, प्रोग्रेसिव इंडिया, भाषा विज्ञान, प्रांतवाद, आतंकवाद, कन्या भ्रूण हत्या वगैरह जैसे अलग- अलग सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर कमेंट करने वाली पेंटिंग एग्ज़िबिशन लगा रही है। स्टूडेंट्स की बढ़ती आत्महत्या सच में एक गंभीर समस्या बन गई है। 

इस संबंध में उन्होंने प्रदर्शनी के माध्यम से विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों के समन्वय से जागरूकता पैदा करने का बहुत अच्छा प्रयास किया। उसके बाद वर्ष 2012 में विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में विद्यार्थी आत्महत्या विषय पर चित्रकला प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। उनकी संस्था हर वर्ष नवीनतम घटनाओं पर चित्रकला प्रदर्शनी आयोजित करती है। 

विद्यार्थी बलिराजा की आत्महत्या, बलिराजा के द्वारा आत्महत्या का समाधान, समृद्ध महाराष्ट्र- प्रगतिशील भारत, भाषाविज्ञान-प्रगतिशील कन्या भ्रूण हत्या आदि विषयों पर चित्रकला प्रदर्शनी के माध्यम से स्थिति पर प्रकाश डालने का कार्य कर रहे हैं। उदय टेकाड़े प्रदर्शनी के माध्यम से लगातार कार्य कर रहे हैं। इसके साथ ही पर्यावरण हितैषी गणपति निर्माण, दिवाली पर किले बनाने पर कार्यशालाएं भी उनके संस्थान में हर वर्ष होती हैं और उन्होंने इंटरमीडिएट एवं प्राथमिक जैसी परीक्षाओं को भी प्राथमिकता दी है। कला के क्षेत्र में उनका योगदान निश्चित ही समाज के लिए उपयोगी एवं सामाजिक जागरूकता पैदा करने वाला है। 
समाचार 2573438616998380982
मुख्यपृष्ठ item

ADS

Popular Posts

Random Posts

3/random/post-list

Flickr Photo

3/Sports/post-list