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डॉ. प्रीतम गेडाम को महाराष्ट्र सरकार ने किया पुरस्कृत

                                 

नागपुर/मुम्बई। महाराष्ट्र सरकार के सामाजिक न्याय और विशेष सहायता मंत्रालय, नशा मुक्ति के लिए अपने अथक प्रयासों से जनजागृति करने वाले चुनिंदा व्यक्ति विशेष व संस्थानों को जिनका इस क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कम से कम पंद्रह वर्ष से अधिक रहा हों, उन्हें "राष्ट्रपिता महात्मा गांधी राज्यस्तरीय व्यसनमुक्ती सेवा पुरस्कार" प्रदान कर सम्मानित करती हैं। हाल ही में यह पुरस्कार समारोह मुंबई के यशवंतराव चव्हाण केंद्र में बड़ी धूमधाम से संपन्न हुआ। 


नागपुर शहर के उच्च शिक्षित और मशहूर लेखक, सामाजिक कार्यकर्ता, प्रोफेसर, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक डॉ. प्रीतम भीमराव गेडाम को नशा मुक्ति के लिए उनके अमूल्य सामाजिक कार्यों के सम्मान में लेखक श्रेणी में यह प्रतिष्ठित सरकारी पुरस्कार प्रदान किया गया, जो नागपुर शहर के साथ-साथ पूरे महाराष्ट्र के लिए बहुत गर्व की बात हैं। उपस्थित प्रमुख अतिथियों के द्वारा पुरस्कार के रूप में स्मृति चिह्न, प्रमाण पत्र, बैंक चेक और शॉल देकर सम्मानित किया गया।

डॉ. प्रीतम भीमराव गेडाम ने विद्यार्थी जीवन से ही जनजागृति हेतु नशा मुक्ति पर काम करना शुरू कर दिया था। समाजकार्य विषय में स्नातकोत्तर शिक्षा ग्रहण करते हुए, वे शिक्षक डॉ. विनोद गजघाटे सर के मार्गदर्शन में उनके साथ उनके नशा मुक्ति केंद्र में काम करने लगे। डॉ. गेडाम ने लोगों को नशा छुड़ाने में मदद करने के लिए धीरे-धीरे पथनाट्य, कैंप के साथ-साथ सलाहकार और मार्गदर्शक की भूमिका में काम शुरू किया। इसके साथ ही, उन्होंने नशे की समस्या पर लिखना भी शुरू कर दिया। सामाजिक जनजागृति के लिए एक स्थानीय अखबार में छपा“ नशे के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर गहरे असर” उनका पहला प्रकाशित लेख था। वहां से उनके लिखने का सिलसिला शुरू हुआ और आज उनके नाम भारत में सामाजिक  समस्याओं पर सबसे ज़्यादा द्विभाषी लेख प्रकाशित करने का रिकॉर्ड है। 

नशा मुक्ति विषय पर छपे उनके लेखों को पढ़कर देशभर से बड़ी संख्या में पाठकों का अभिप्राय मिलता हैं। डॉ. गेडाम हमेशा कहते हैं कि नशा एक ज़हर है जो न सिर्फ नशेड़ी को दर्द और महंगी बीमारी से समय से पहले मार देता है, बल्कि घर-परिवार, रिश्ते-नातों, पड़ोसियों और पूरे समाज पर भी गंभीर असर डालता हैं। नशेड़ियों के परिवार की शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक स्थिति भी खराब होती जाती है, नशे के कारण मस्तिष्क अनियंत्रित होकर दुर्व्यवहार और अपराध तेजी से बढ़ जाते हैं और लोग नशेड़ियों से नफरत करने लगते हैं।

इस सरकारी समारोह के मुख्य अतिथि देवेंद्र फडणवीस (मुख्यमंत्री), एकनाथ शिंदे (उपमुख्यमंत्री), सुनेत्रा अजित पवार (उपमुख्यमंत्री), रामदास अठावले (केंद्रीय राज्य मंत्री), राहुल नार्वेकर (विधानसभा अध्यक्ष), संजय शिरसाट (सामाजिक न्याय मंत्री), माधुरी मिसाल (सामाजिक न्याय, राज्य मंत्री), अरविंद सावंत (लोकसभा सदस्य), डॉ. हर्षवर्धन कांबळे (प्रधान सचिव, सामाजिक न्याय और विशेष सहायता विभाग), दीपा मुधोल - मुंडे (आयुक्त, समाज कल्याण, पुणे) थे। सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट ने डॉ. गेडाम के नशामुक्ति हेतु लेखन व सामाजिक कार्यों की प्रशंसा की। कार्यक्रम में पूरे महाराष्ट्र से समाज कल्याण विभाग के आयुक्त, अधिकारी, कर्मचारी और स्वयंसेवक शामिल हुए। खंजरी वादक, कीर्तनकार सत्यपाल महाराज भी मौजूद थे।

नागपुर शहर के किसी व्यक्ति विशेष को इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया है, इस कारण उनके अमूल्य कार्य को हर ओर से सराहा जा रहा हैं। समाज कार्य व लेखन कार्य के साथ डॉ. प्रितम गेडाम जनजागृति के लिए अनेक सामाजिक उपक्रम संचालित करते है, वर्तमान में वे नागपुर शहर के रायसोनी शिक्षा समूह के सदर कैंपस में विभाग प्रमुख के तौर पर कार्यरत हैं। इसके पहले भी इन्हे देश-विदेश से बहुत से प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका हैं। महाराष्ट्र सरकार के इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित होने पर नागपुर शहर और राज्य गौरवान्वित हुआ हैं।
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