जीएमसी नागपुर में मिनिमल इनवेसिव सर्जरी पर लाइव ऑपरेटिव वर्कशॉप का सफल आयोजन
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नागपुर।एसोसिएशन ऑफ सर्जन्स नागपुर (ASN) 2026–27 ने शल्य चिकित्सा विभाग, गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (GMC), नागपुर के सहयोग से, तथा डॉ. अब्दुल कुरैशी (प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, शल्य चिकित्सा विभाग) के नेतृत्व में मिनिमल इनवेसिव सर्जरी (MIS) पर एक दिवसीय लाइव ऑपरेटिव वर्कशॉप एवं सीएमई (Continuing Medical Education) कार्यक्रम का सफल आयोजन किया।
कार्यक्रम का मुख्य विषय था: ‘MIS – बेसिक्स, एडवांस्ड एवं रोबोटिक सर्जरी: सर्जिकल वर्ल्ड का भविष्य” यह पूर्णदिवसीय शैक्षणिक कार्यक्रम स्व. डॉ . शकुंतला गोखले API हॉल, GMC नागपुर में आयोजित किया गया, जिसमें OT F कॉम्प्लेक्स, GMC नागपुर से शल्य क्रियाओं का लाइव प्रसारण किया गया, जिससे प्रतिभागियों को वास्तविक समय में सीखने का उत्कृष्ट अवसर प्राप्त हुआ। कार्यशाला में लैप्रोस्कोपिक कोलेसिस्टेक्टॉमी (Safety First) तथा एडवांस्ड एवं रोबोटिक सर्जिकल प्रक्रियाओं पर विशेष मास्टरक्लास आयोजित की गई, जिसमें सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ लाइव सर्जिकल डेमोंस्ट्रेशन प्रस्तुत किए गए।
इस अवसर पर देश के प्रतिष्ठित सर्जनों की उपस्थिति रही, जिनमें शामिल थे: डॉ. अभय दलवी, सीनियर लैप्रोस्कोपिक सर्जन, ग्लोबल ग्लेनईगल्स हॉस्पिटल, मुंबई, डॉ. राज गजबिये, एडवांस्ड रोबोटिक सर्जन एवं डीन, GMC नागपुर, डॉ. प्रशांत रहाटे, निदेशक, सेवन स्टार हॉस्पिटल, नागपुर, डॉ. समीर रेगे, प्रोफेसर एवं यूनिट प्रमुख, सेठ जी.एस. मेडिकल कॉलेज एवं केईएम हॉस्पिटल, मुंबई उनके मार्गदर्शन एवं लाइव प्रदर्शन ने कार्यशाला की शैक्षणिक गुणवत्ता को और समृद्ध किया। कार्यक्रम का शुभारंभ ASN 2026–27 की अध्यक्ष डॉ. दीपा जहागीरदार के स्वागत भाषण से हुआ।
कार्यशाला का सफल संचालन ऑपरेटिव टीम एवं सीएमई इंचार्ज: डॉ. निर्मल पाटले, डॉ. गायत्री देशपांडे, डॉ. अस्मिता बोडाडे द्वारा किया गया। इसके अतिरिक्त डॉ. राहुल नाईकवाडे, डॉ. प्रशांत भोवटे, डॉ. मृणालिनी बोरकर, डॉ. योगेश बंग, डॉ. सुशील लोहिया, डॉ. वंदना टोमे,, डॉ. कन्हैया चांंडक, डॉ. हेमंत बनारकर, डॉ. विक्रांत अकुलवार, डॉ. आशुतोष जाधव ने कार्यक्रम की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
इस कार्यक्रम में नागपुर के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों से आए 100 से अधिक स्नातक, स्नातकोत्तर छात्र एवं वरिष्ठ सर्जनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इनमें डॉ. बी. बी. गुप्ता, डॉ. विल्किन्सन, डॉ. काणे, डॉ. लांजेवार, डॉ. हेडावू, एवं डॉ. अतिश बनसोड की उपस्थिति भी उल्लेखनीय रही।
कार्यक्रम का समापन डॉ. प्रवीण वैरागड़े द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। यह कार्यशाला आधुनिक शल्य चिकित्सा तकनीकों, विशेष रूप से रोबोटिक सर्जरी, के बढ़ते महत्व को दर्शाती है तथा सतत चिकित्सा शिक्षा की आवश्यकता को रेखांकित करती है।

