सप्तरंग महिला चेतना मंच ने की दोहे की कार्यशाला का आयोजन
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नागपुर। विदर्भ हिन्दी साहित्य सम्मेलन के तत्वावधान में सप्तरंग महिला चेतना मंच के मासिक कार्यक्रमों की शृंखला की दोहे की कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरूवात में ऋतू आसई द्वारा सरस्वती वंदना एवं मुख्य अतिथि श्रीमती भारती दिसावल अध्यक्ष सुधा राठौड़ द्वारा दीप प्रज्वलन से की गई। इंदिरा किसलय अंतरंग सह संयोजिका रेशम मदान सप्तरंग सह संयोजिका किरण हटवार मंचासिन रही। सप्तरंग संयोजिका डॉ स्वर्णिमा सिन्हा अपने चिर-परिचित अंदाज में मंच संचालन किया।
पहले सत्र में अधिक मास के महत्व पर परिचर्चा की गई l अधिक मास के महत्व को विस्तार पूर्वक पुष्पा पांडे, पूनम मिश्रा, मेघा अग्रवाल, शायद परांजपे ने समझाया। दूसरे सत्र में दोहे की कार्यशाला रखी गई। कबीरदास, रहीम, बिहारीलाल, रसखान, मलिक मोहम्मद जायसी के प्रचलित दोहों पर प्रकाश डालीं सर्वश्रीमती निर्मला पांडे, सुषमा भांगे, कामिनी शुक्ला, ममता सिंह, शिवानी सिंह, रश्मि मिश्रा, माधुरी मिश्रा, सुषमा शर्मा और हेमलता मिश्रा मानवी।
तीसरे सत्र में स्वर्गीय आशा भोसले जी को श्रद्धांजलि अर्पित करने हेतु आशाताई के गानों पर नृत्य और गीत का धमाकेदार कार्यक्रम हुआ, इसमें शिरकत करने वाली सर्व श्रीमती आरती पाटिल, सरिता लेकूरकर, ऋतु आसई, संतोष बुधराजा, उमा हरगन, संगीता ताई, अर्चना चौरसिया, माया शर्मा, अनीता गायकवाड़, लक्ष्मी वर्मा, रजनी कौशिक, सुमन मेश्राम नंदिनी स ने सभी ने बढ चढ़ कर हिस्सा बनीं। सभी का आभार सप्तरंग की सह-संयोजिका सुजाता दुबे जी ने माना।

