जबलपुर में 21 जून को ‘संगीत मत्स्यगंधा’ नाटक का मंचन
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नागपुर। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (SCZCC), नागपुर द्वारा जबलपुर में त्रिदिवसीय संगीत नाट्य महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस महोत्सव के तहत प्रख्यात नाटककार वसंत कानेकर द्वारा लिखित और प्रभाकर ठेंगडी द्वारा निर्देशित लोकप्रिय नाटक ‘संगीत मत्स्यगंधा’ का मंचन रविवार, 21 जून को शाम 6:00 बजे ‘मानस भवन’, जबलपुर में किया जाएगा।
‘दि मध्य प्रदेश एजुकेशन सोसाइटी, नागपुर’ द्वारा निर्मित इस नाटक के निर्माण प्रमुख मोहन नाहातकर हैं। दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र की निदेशिका आस्था कार्लेकर और सह-निदेशक दीपक कुलकर्णी की विशेष पहल के कारण यह मंचन जबलपुर में होने जा रहा है।
इससे पहले भोपाल में हुए इस नाटक के सफल प्रदर्शन के बाद, ‘महाराष्ट्र समाज, जबलपुर’ की भारी मांग पर केंद्र ने इस नाटक को आमंत्रित किया है। इस माध्यम से नागपुर के स्थानीय कलाकारों को एक बार फिर अपनी कला प्रदर्शित करने का एक बड़ा और उत्साहजनक अवसर मिला है।
दिग्गज कलाकारों की टीमनाटक में गुणवंत घटवाई (पराशर), यामिनी पायघन (सत्यवती), मुकुंद वसुले (चंडोल), मनीष मोहरील (शंतनु), विनोद तुंबडे (देवव्रत), यशवंत चोपड़े (धीवर), रोहिणी मोहरील (अंबा), मोहन कालबांडे (प्रियदर्शन) और मंथन उकुंडे (व्यास) विभिन्न भूमिकाओं में नजर आएंगे। शानदार बैकस्टेज और संगीत संगतिनाटक को संगीत संगति भास्कर पिंपले (ऑर्गन) और हर्षद पायघन (तबला) ने दी है।
नेपथ्य (सेट डिजाइन) सतीश कालबांडे, पार्श्व संगीत अनिल इंदाने, प्रकाश व्यवस्था (लाइट्स) किशोर बत्तासे, रूपसज्जा (मेकअप) लालजी श्रीवास और वेशभूषा कुणाल नावले व शोभना मोहरील की है। इसके साथ ही ध्वनि संयोजन (साउंड) मृण्मयी मोहरील और रंगमंच व्यवस्था मैत्रेय मोहरील संभाल रहे हैं।जबलपुर के नाट्य प्रेमियों से इस प्रस्तुति का आनंद लेने की अपील आयोजकों द्वारा की गई है।
