संत चांदूराम साहब दरबार से मनमोहक झांकियों के साथ निकली शोभायात्रा
जगह-जगह हुआ स्वागत
नागपुर। जरीपटका स्थित संत चांदूराम साहिब दरबार से 203वीं जयंती पर अनेक मनमोहक झांकियों के साथ शोभायात्रा निकाली गई. इसमें तुलसीदास खुशालानी, मुक्तिधाम ट्रस्ट के अध्यक्ष भाई शामनदास तुलसवानी, राधाराम माखीजा, भाई पी.डी. केवलरामानी, मोटाराम चेलवानी, वीरभान तुलसवानी, शंकरलाल वीरवानी, भीखचंद डेबला आदि प्रमुखता से उपस्थित थे. प्रारंभ में सामूहिक अरदास व आरती की गई. सखी सरताज की डोली साहिब के साथ संतों की प्रतिमाओं को रथ पर सवार किया गया था.
भजन-कीर्तन, बैंड-बाजे, लाइटिंग, रथ के साथ शोभायात्रा ने जरीपटका के अनेक मार्गों का भ्रमण किया. भक्ति-गीतों पर खुशी में झूमते श्रद्धालुओं का जगह-जगह पर अनेक सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं ने स्वागत कर उन पर पुष्पवर्षा की. अनेक स्थानों पर महाप्रसाद-वितरण किया गया. संतों के जयकारे लगाए गए.
रात्रि में संत चांदूराम साहिब मुक्तिधाम में शोभायात्रा का समापन हुआ. गुरु ग्रंथ साहिब की अगवानी कर गुरु की अमृतवाणी साकार की गई. रात्रि में मंजूश्री आसूदानी ने भक्ति संगीत का कार्यक्रम पेश कर उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया.
7 जुलाई को समापन दिवस पर देश भर के संतों का होगा, जिनमें रायपुर स्थित शदाणी दरबार तीर्थ के नवम पीठाधीश डॉ. युधिष्ठिरलाल, संत ठाकुरदास (जलगांव) का भी समावेश है. देश के अन्य हिस्सों एवं नगर के संत दरवेशों के द्वारा भी प्रवचन व सत्संग पेश किया जाएगा.
दोपहर 1 बजे श्री अखंड पाठ साहिब संत युधिष्ठिरलाल व तुलसीदास खुशालानी की उपस्थिति में भोग साहिब के साथ होगा. 2 बजे के बाद लंगर का वितरण होगा. रात्रि 9 से रीवा के संत साईं हंसदास उदासी के द्वारा भजन-कीर्तन व सत्संग के पश्चात 11:55 बजे सखी सरताज संत चांदूराम साहिब के जन्मदिवस पर भक्तगण केक काटेंगे.
11 कुंडीय इच्छापूर्ति यज्ञ
जयंती की शुरुआत 11 कुंडीय इच्छापूर्ति यज्ञ से हुई. हवन पूजन में 11 प्रमुख यजमानों के द्वारा 2 घंटे तक देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना व गायत्री मंत्र पूजा की गई. पं. अजीत शर्मा तथा पं. मुरलीधर शर्मा के आचार्यत्व में महायज्ञ का आयोजन किया गया था. जिसमें सिंधी समाज के हरीश महाराज, जगदीश भट्ट, सुनील महाराज, नरेश महाराज आदि उपस्थित थे. अरदास व आरती के बाद प्रसाद वितरण किया गया.
सफलतार्थ भीखचंद डेम्बला, महेश चावला, अजीत बत्रा, राजू केवलरामानी, विनोद केवलरामानी, शीतलदास रायकिंगरानी, गुरमुखदास बेलवानी, लालचंद बत्रा, दिलीप माखीजा, जयदेव केवलरामानी आदि अनेक श्रद्धालुओं ने प्रयास किए.