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साहित्यिकी में गीतों, कविताओं और ग़ज़लों ने समा बांधा

नागपुर। विदर्भ हिंदी साहित्य सम्मेलन के उपक्रम साहित्यिकी में कविसम्मेलन का सफल आयोजन किया गया। प्रमुख अतिथि आशनारायण तिवारी का स्वागत संयोजक आदेश जैन,सह संयोजक हेमलता मिश्र मानवी व शादाब अंजुम ने अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह देकर किया।कार्यक्रम का संचालन प्रा. आदेश जैन ने किया।

सम्मेलन में तनहा नागपुरी, माधुरी राउलकर, लालजी आलम हथगावी, डॉ राम मुले, कंचन प्रजापति, नीलिमा गुप्ता, रूबी दास, मीरा जोगलेकर, सुकेशिनी सरगम, लता तितरमारे, हफिज शेख नागपुरी, गुलाम मोहम्मद खान आलम, नीलम शुक्ला, अशोक डोलस, डॉ विनोद भोयर, मजीद बेग मुगल, दीपक गुप्ता, जितेंद्र जैन, ऊषा देवलकर, हेमलता मिश्र, शादाब अंजुम, कामिनी शुक्ला, चंद्रकला भरतिया, माधुरी मिश्रा मधु, शरद कांबले, रहबर नागपुरी,आरिफ खाजी, लीलाधर सिन्हा, सीमा मिश्रा, सईद हजरत, मुकेश कुमार सिंग, अंजुम उरूज, सुदीप्ता बनर्जी, कोयल बनर्जी, शिवराम आदि ने विभिन्न विषयों पर एक से बढ़कर एक कविताएं सुनाई।

अंत में प्रमुख अतिथि आशनारायण तिवारी ने सम्मेलन की समीक्षा करते हुए कहा कि यहां कवियों की कविताएं भावनाओं का महासागर जैसी है। कवि प्रहरी के रूप में विभिन्न विषयों पर कविताएं लिख कर आने वाली पीढ़ियों के लिए साहित्य के संसार को जीवित रखने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे है। साथ ही हिंदी और उर्दू साहित्य को समृद्ध कर रहे है। अंत में प्रमुख अतिथि ने स्वरचित कविताएं पढ़कर सभी का दिल जीत लिया। कार्यक्रम में सुनील तिवारी, नंदिनी सुदाम्मला, बेगडेजी, लीलाजी व अन्य विशेष रूप से उपस्थित थे।आभार प्रदर्शन के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।

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