'एक लड़की में देखा मैंने पूरा हिंदुस्तान'..
बेहद सफल रहा मानेवाड़ा में अखिल भारतीय हास्य कवि सम्मेलन
नागपुर। अधर गुलाबी जयपुर उसके आंखें नैनीताल, मन है गहरी झील भावना लगती है भोपाल। गुलबर्गा की बर्फ सरीखे उसके गोरे अंग, ऋषिकेश की गंगा जैसा है आंखों का रंग। दिल में फैला दिल्ली जैसा भावों का विस्तार, मन में उसके लखनऊ जैसा गंगा-जमुनी प्यार। अंग में पंजाब की मस्ती बदन अवध की शाम, और प्रेम से भरे हृदय में है वृंदावन धाम। तो स्वाभिमान से तने शीश से झांके राजस्थान, एक लड़की में देखा मैंने पूरा हिंदुस्तान।
उत्तर प्रदेश के ललितपुर से पधारे देश के दिग्गज श्रृंगार एवं ओजस्वी कवि पंकज अंगार (टीवी फेम) की उक्त काव्य पंक्तियों ने भारत में नारी शक्ति की महिमा प्रतिपादित की। मानेवाड़ा के बालाजी नगर में शीतला माता मंदिर ट्रस्ट द्वारा आयोजित अखिल भारतीय हास्य कवि सम्मेलन को सभी कवियों ने गरिमामय ऊंचाइयां प्रदान की। इस कवि सम्मेलन का संयोजन राष्ट्रीय कवयित्री मंजूश्री 'पुष्प' कारेमोरे (नागपुर) ने और मंच का कुशल संचालन किया तुमसर के हास्य कवि प्रमोद शाहू पारखी ने।
प्रारंभ में आमंत्रित कवियों का स्वागत दक्षिण नागपुर के पूर्व विधायक सुधाकर कोहले के शुभ करकमलों द्वारा किया गया। उन्होंने 'हंसना ही जिंदगी है' का संदेश देते हुए उपस्थित श्रोताओं को कार्यक्रम में अंत तक हंसते-खिलखिलाते हुए अंत तक जमे रहने का आहवान किया। मंजूश्री पुष्प कारेमोरे की शारदा वंदना के तुरंत बाद ओपनिंग बैट्समैन के रूप में वरिष्ठ संपादक एवं हास्य-व्यंग्य के सशक्त हस्ताक्षर सुदर्शन चक्रधर (नागपुर) को काव्य-पिच पर उतारा गया। उन्होंने इस भूमिका बखूबी निभाते हुए अपनी हास्य-व्यंग्य की फुलझड़ियों-लड़ियों और पटाखों-बमों से निरंतर धमाके किये।
देवास (मप्र) से पधारे फ़िल्मी गीतकार मनोज दुबे के शानदार गीत (बहुत याद आती है पापा तुम्हारी...) ने भावविभोर कर दिया। उनके पश्चात् संयोजिका और श्रृंगार रस की राष्ट्रीय कवयित्री मंजूश्री पुष्प कारेमोरे (नागपुर) के सुमधुर सामाजिक गीतों ने समां बांधा। नारी शक्ति को समर्पित उनका मुक्तक था- कल भी ना वो हारी थी, ना आज वो हारी है, हर क्षेत्र में नारी का संघर्ष तो जारी है। इस लोकतंत्र के हम, हृदय से आभारी हैं, देश के सर्वोच्च पद पर आज फिर एक नारी है।
सतना (मप्र) से आए ओजवाणी के प्रखर-मुखर कवि आजाद वतन वर्मा ने देशभक्ति की अलख जगाते हुए कश्मीर, तिरंगा, सिंदूर जैसी रचनाओं से श्रोताओं में जोश भर दिया। जौनपुर से पधारे सबरंग कवि आचार्य सफर जौनपुरी ने अपने अनोखे अंदाज में श्रोताओं की जमकर वाहवाही लूटी। ओज वाणी के कुशल चितेरे पंकज अंगार (ललितपुर) ने काव्य मंच को संपूर्ण गरिमा के साथ ऊंचाइयां प्रदान की। नागपुर के जानेमाने गजलकार शादाब अंजुम गंजों को कंघा बेचने जैसी हास्य गजलों और संचालक प्रमोद साहू पारखी की अनेक गुदगुदाती हास्य रचनाओं ने उपस्थितों को अंत तक मंत्रमुग्ध करते हुए बांधे रखा। देर रात तक कार्यक्रम सफलतापूर्वक चलता रहा।
इस कवि सम्मेलन को सफल बनाने में श्री शीतला माता मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष सुरेंद्र बानाईत, उपाध्यक्ष द्वय दिलीप भोयर व पंकज जैस्वाल, सचिव रमेश राउत, सहसचिव बाबू भैया ठाकुर, कोषाध्यक्ष सुरेश आदमने, सह-कोषाध्यक्ष शत्रुघ्न सिंह चंदेल सहित एडवोकेट राजू भाऊ, संजय डूमरे, विनीत गणोरकर और भरत भाऊ आदि ने अथक प्रयास किये।

