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उठी उठी गोपाळा...


उठी उठी गोपाळा...


लक्ष्मीपूजन की सुबह और शाम हुई रंगीन 


नागपुर। सूरज की सुबह की पहली किरणों को साक्षी मानकर श्रोतागण खुले मैदानों में उठी उठी गोपाळी जैसे गीतो के स्‍वर सुना करते थे। लेकिन इस बार यह स्‍वर सीधे घर की रसोई में सुनने को मिले। हार्मोनी इवेंट्स व आदित्य अनघा कॉ बँक संयुक्त विद्यमान द्वारा आयोजित खास तौर पर दीपावली के लक्ष्मी पूजा के पर्व सुबह और शाम को आयोजित इस संगीत कार्यक्रमोंने श्रोताओं को घर बैठे आनंद दिया। 

कोविड के कारण, इस वर्ष दिवाली के संगीतमय रंगारंग कार्यक्रम नहीं हुये। हार्मोनी इवेंट्स ने इसे बात का ध्यान में रखते हुए फेसबुक लाइव के माध्यम से 'दिवाळी पहाट' और 'दिवाळी सांज' इन कार्यक्रमों का आयोजन किया था। शुक्रवार को लक्ष्मी पूजा के दिन आयोजित इन दोनों कार्यक्रमों श्रोताओं का अच्‍छा प्रतिसाद मिला।

लक्ष्मी पूजन दिवस की शुरुआत मधुर गीतों के साथ हुई, जिसमें अभंग, नाट्य गीत, भावगीत और भक्ति गीत शामील थे। जाने माने गायक गुणवंत घटवाई और महाराष्ट्र संगीत रत्न आकांक्षा देशमुख ने इन गीतों को प्रस्‍तुत किया। मोगरा फुलला, उठी उठी गोपाळा, अजी सोनियाचा दिनू, माय भवनी तुझे, अबीर गुलाल, माझे माहेर, पांडुरंग नामी, केतकीच्‍या बनी, प्रथम तुज पाहता, तेजोनिधी लोह, मी राधिका, केव्‍हा तरी पहाटे, घेई छंद मकरंद, माझे जीवन गाणे एैसे एक से बढकर एक गीत सुनाकर उन्‍होने शुक्रतारा मंद वारा इस गीत का साथ कार्यक्रम का समापन किया। 

'दिवाळी सांज'  इस कार्यक्रम ने लक्ष्मी पूजा की शाम सुरमयी कर दी। संगीत सम्राट विजेता कैवल्य केजकर, स्वस्तिका ठाकुर, राजेश दुरूगकर, गौरी शिंदे ने कही दूर जब दिन, नैनो में बदरा, बाजे रे मुरली, सुरत पिया की, दिल की तपीश, आनेवाला पल, नाम गुम जायेगा, ये दिल तुम बिन, तुम जो मिल गये, रंगिला रे, पांडुरंग नामे, ऋतू बरवा जैसे हिंदी और मराठी गानों की प्रस्तुति दी। दोनों कार्यक्रम आदित्य अनघा कॉ बँक  व हार्मोनी इव्‍हेंट्स संयुक्त विद्यमान से हुआ  दोनों कार्यक्रम परिकल्पना हार्मोनी इवेंट्स के निदेशक राजेश समर्थ द्वारा की गई थी, जबकि श्वेता शेलगांवकर दोनों कार्यक्रमों का शानदार मंच संचालन किया।
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