चाँद की किरणों से...
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चाँद की किरणों से...
हिंदी मराठी गानों का उपहार
नागपुर। हर कोई चाहता है, ओ साथी रे तेरे बीना, चांद की किरण से, मेरे संग वली खिदकी। हारमोनिका एंटरटेनमेंट नागपुर विद्या ने लक्ष्मी पूजा के दिन हिंदी और मराठी गीतों का एक शो आयोजित किया था। कार्यक्रम की परिकल्पना राजू चोपडे ने की थी।
अरविन्द कुमार शिंदे शिवराज, योगेश परांजपे, अविनाश चंद्रन, मनीषा चंद्रन, राजेश दुरूगकर और आकांक्षा नागरकर प्रतिभागी थे। मनिषा चन्ने मोगरा फुललाके गाने 'मोगरा फूलवाला' ने दिवाली के लिए खुशी का माहौल बना दिया। शिवराज इस मोड से जाते है, जाने कैसे कब कहां, देखा एक ख्वाब, जानते हैं कि कैसे, कब और कहां, एक सपना देखा, आदि उन्होंने युगल गीत प्रस्तुत किए।
मनीषा चंद्रन ने मनिषा चन्ने यांनी , केव्हा तरी पहाटे ही गीत’और अविनाश के साथ चंद्र है साक्षी, नवीन आज चंद्रमा, संध्याकाली आशा आदि जैसे युगल गीत प्रस्तुत किए। शिवराज ने ओ हंसिनी, खोया खोया चाँद गाया। योगेश परांजपे ने ऐ जिंदगी जिंदगी लागा ले गाने की प्रस्तुति दी। अ रविंद शिंदे यांनी बेक रार दिल तू गाये जो, तुम भी चलो, हमें और जीने की, गीत गाता हूं या मेडली ने कार्यक्रम का समापन किया।
निवेदन डॉ. रजनी हुद्दा ने किया सिंथेसायझरवर मंगेश पटले तर ऑक्टोपॅडवर उल्हास चितमुलवार उत्तम संगत मिली। शैविन्द्र बिसेन, अशोक रेड्डी और माइकल ने भी कार्यक्रम की सफलता में योगदान दिया।
