राज्य में बोर्ड परीक्षाएं मई में होने की संभावना !
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नागपुर। हर वर्ष फरवरी में 12 वीं और मार्च से 10 वीं की परीक्षाएं शुरू हो जाती थीं, लेकिन इस बार परीक्षाएं देरी से ही ली जाएंगी. छात्र जुलाई से ही ऑनलाइन क्लासेस कर रहे हैं. वहीं कोचिंग - ट्यूशन भी ऑनलाइन ही चल रहे हैं. फिलहाल 10 वीं और 12 वीं बोर्ड परीक्षा के आवेदन भरने की प्रक्रिया जारी है. इस हालत में इस बार बोर्ड परीक्षाएं मई महीने में होने की संभावना व्यक्त की जा रही है.
कोरोना की वजह से सब कुछ बदल गया है. कोरोना संकट की वजह से इस बार छात्रों की पढ़ाई पर सीधा असर हुआ है. हालांकि राज्य के ग्रामीण भागों में 9 वीं से लेकर 12 वीं तक स्कूल खोल दिए गए हैं, लेकिन शहरी भाग में अब तक स्कूल बंद ही हैं. विदर्भ में केवल नागपुर शहर छोड़कर अन्य सभी जिलों में स्कूल खोल दिए गए हैं,
जबकि राज्य के कुछ हिस्सों में जनवरी से स्कूल खोले जाएंगे. सीबीएसई द्वारा ऑनलाइन क्लासेस ली जा रही हैं. लेकिन स्टेट बोर्ड के सभी छात्रों को ऑनलाइन क्लासेस का लाभ नहीं मिल रहा है. अब जब स्कूल शुरू हो गए हैं तो शिक्षकों के लिए पाठ्यक्रम पूर्ण करना बड़ी चुनौती होगी.
मार्च - अप्रैल तक राज्यभर की स्कूलों में 10 वीं व 12 वीं का पाठ्यक्रम हो जाएगा. इस हालत में परीक्षाएं मई में ही ली जा सकती है. लिखित परीक्षा से पहले मौखिक और प्रैक्टिकल ली जाएगी. हालांकि शिक्षा विभाग द्वारा अब तक परीक्षाओं को लेकर किसी भी तरह का नियोजन नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों की मानें तो विभाग मई में परीक्षा की तैयारी कर रहा है.
लेकिन इसके लिए यह भी जरूरी है कि कोरोना का प्रभाव कम हो सके. कोरोना का प्रादुर्भाव कम नहीं होने पर बोर्ड के लिए राज्यभर में ऑफलाइन परीक्षाएं लेना भी मुश्किल हो जाएगा. स्टेट बोर्ड में लाखों छात्र परीक्षा देते हैं. इस हालत में ऑनलाइन परीक्षा लेना संभव नहीं है. बोर्ड के लिए ऑफलाइन के अलावा अन्य कोई विकल्प ही नहीं बचा है.
वैसे भी कोरोना संकट की वजह से पहले ही 25 फीसदी पाठ्यक्रम कम किया गया है.अब बोर्ड द्वारा परीक्षा पैटर्न में बदलाव की गुंजाइश पर विचार किया जा रहा है. संभवत: जनवरी में शिक्षा विभाग की ओर से परीक्षाओं के संबंध में निर्णय लिया जा सकता है. हालांकि छात्र तो पढ़ाई में जुटे हुए हैं, लेकिन परीक्षा को लेकर पालकों का टेंशन बढ़ता जा रहा है.
पालकों का कहना है कि यदि सरकार द्वारा परीक्षाओं को लेकर घोषणा कर दी जाती तो छात्रों को तैयारी करने में आसानी हो जाती.स्टेट बोर्ड की तरह ही सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाएं भी अप्रैल से पहले होने की संभावना नजर नहीं आ रही है पिछले सीबीएसई के सचिव ने स्पष्ट कर दिया था कि बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी में जुट गया है. सीबीएसई स्कूलों द्वारा ऑनलाइन क्लासेस में 70 फीसदी तक पाठ्यक्रम पूर्ण हो गया है.
