प्रस्तावित संपूर्ण निधि मिलनी चाहिए थी : चौकसे
रामटेक को मिलना था 140 करोड, मिले मात्र 14 करोड रुपये
राजु कापसे
रामटेक। भारतीय जनसेवा मंडल के कार्यकारी अध्यक्ष तथा पर्यटक मित्र चंद्रपाल चौकसे ने महाराष्ट्र शासन द्वारा हालही में यात्रा स्थल विकास कार्यक्रम अंतर्गत रामटेक को प्राप्त 14 करोड रुपये मंजूरी का स्वागत किया हैं।
वहीं इसे 'उंट के मुंह में जीरा' बताते हुए कहा हैं कि रामटेक के लिए प्रस्तावित 140 करोड रुपये की संपूर्ण निधि मिलनी चाहिए। ताकी रामटेक का शीघ्र सर्वांगीण विकास हो सके। अन्य तिर्थ स्थलों को 100 से 200 करोड रुपये दिए जा रहें हैं। वहीं रामटेक जैसे तिर्थ स्थल को कभी 7 तो कभी 14 करोड रुपये प्राप्त हो रहें हें।
यह रामटेक के लिए दुजाभाव ही हैं। ऐसा स्पष्ट आरोप श्री चौकसे ने यहां जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में लगाया हैं। 14 करोड रुपये राशि मंजूरी के लिए उन्होंने वर्तमान विधायक एड. आशीष जयस्वाल और भूतपूर्व विधायक डी. मल्लिकार्जुन रेड्डी का इस नेक काम के लिए अभिनंदन भी किया हैं।
वहीं श्री. चौकसे ने रामटेकवासियों का ध्यानाकर्षण करते हुए कहा हैं कि रामटेक के कायाकल्प के लिए अभी तक केंद्र और राज्य के बडे बडे नेताओं ने वादे किए हैं। लेकिन किसी ने भी इस पर अमल नहीं किया। यहीं नहीं श्री. चौकसे ने दावा किया कि तत्कालिन मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हान के कार्यकाल में 140 करोंड रुपये के विकास निधी को मंजूरी दी गई थी।
बताया कि जन्मभुमि अयोध्या में विकास की गंगा बह रहीं हैं। वहीं प्रभु राम का यह विख्यात स्थल विकास के लिए छटपटा रहा हैं। जिसे विदर्भ की अयोध्या भी कहा जाता हैं। अंत में श्री.चौकसे ने रामटेक के सर्वांगीण विकास हेतु प्रस्तावित संपुर्ण 140 करोड रुपये निधि की मांग की हैं।
