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सरकार ठंड में कुछ दिन फुटपाथों के बेसहारों को दे आश्रय




समाजसेवी दंपत्ति शेख मुख्तार एवं अनीशा शेख ने की मार्मिक अपील


नागपुर। बिगड़ते पर्यावरण के कारण मौसम में दिनों दिन हो रहे बदलाव के जिम्मेदार हम खुद है। आधुनिकता की होड़ में हम हमारी प्रकृति को बिगाड़ रहे है। इसी वजह से कहीं अत्यधिक ठंड, कहीं बारिश तो कहीं कड़ाके की धूप तप रही है। 

ऑल इंडिया कौमी तंजीम नागपुर शहर अध्यक्ष शेख मुख्तार और समाजसेविका अनीशा शेख ने स्वयंसेवी संस्थाओं तथा सरकार के सामने ज्वलंत मुद्दों को रखने की कोशिश की है। 


इन्होंने बताया कि अभी के वक्त कड़ाके की ठंड में हर एक इंसान चारदीवारी में रजाई में रहने के बाद भी सर्दी से सिकुड़ रहा है, लेकिन उसकी ठंड जा नहीं रही है। सोचिए फुटपाथों पर सोते हुए गरीब किस तरह से अपनी रात काटते होंगे ? ऐसे हालत में इनकी गरीबी, लाचारी को देखते हुए अनेक समाजसेवी संस्थाएं तथा पुलिस प्रशासन से इन्हें कंबल, रजाई मिल जाती है, लेकिन ऐसा लगता है कि यह इनके लिए पर्याप्त नहीं है। यदि कोई कमजोर और सारिक शारीरिक तौर पर दुर्बल इंसान ऐसे ठंड में फुटपाथों पर सोने को मजबूर हैं तो उसकी ठंड के कारण मौत हो सकती है। 


समाजसेवी दंपत्ति शेख मुख्तार और अनीशा शेख ने महाराष्ट्र सरकार से गुजारिश कि है की ठंड के दिनों में जितने भी स्कूल बंद है, उन्हें खोलकर कुछ दिन इन बेसहारा लोगों का अंशकालीन सोने का प्रबंध किया जाएं। 

इस कठिन परिस्थिति में मानवता के चलते इंसान ही इंसान के काम आ सकता है, उनकी जान बचाई जा सकती है। उन्होंने बताया कि हमारी कोशिशों को हर एक इंसान तक पहुंचे तथा इनको कुछ दिनों के लिए रैन-बसेरा मिल जाए। हमे उम्मीद ही नहीं पूरी आशा है कि सरकार जल्द से जल्द इन गरीब बेसहारा लोगों की सहारा बनेगी।
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