इथेनॉल की निर्मिती से बढ़ेगी अर्थव्यवस्था : गडकरी
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नागपुर। केंद्रीय परिवहन व एमएसएमई मंत्री नितिन गडकरी ने 'गेम' की ओर से आयोजित एमएसएमई के आर्थिक सप्ताह के समापन अवसर पर संबोधित करते हुए कहा कि नई खोज, तकनीक का उपयोग करके कृषि, ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों का कायापालट कैसे किया जा सकता है, अधिक रोजगार निर्मिती कैसे होगी, देश प्रगति की ओर कैसे जा सकता है। इसका विचार करना जरूरी है। इसके लिए औद्योगिक एवं इंजीनियरिंग क्षेत्र ने सकारात्मक करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा एमएसएमई की व्याख्या अब बदल गई है। एमएसएमई भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी है। एमएसएमई ने ३० प्रश जीडीपी ४० प्रश तक, ४८ प्रश निर्यात ६० प्रश तक तथा ५ करोड़ नए रोजगार ५ वर्षों में निर्माण करने का उद्देश्य सामने रखा है। आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना साकार करने के लिए यह उद्देश्य महत्वपूर्ण होने की बात भी उन्होंने कही।
उन्होंने बताया इसके कारण उद्योग बढ़ेंगे तथा अधिक रोजगार निर्मिती होगी। शहरी भाग में उद्योगों का विकेंद्रीकरण होकर कृषि, ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्र की ओर जाना आवश्यक होने की बात गडकरी ने कही। आगामी २ वर्षों में ग्रामीण अर्थव्यवस्था ५ लाख करोड़ की बनाने के लिए इस कदम को उठाना आवश्यक है।
पानी, ऊर्जा, परिवहन एवं संवाद ये सभी बातें उद्योगों के विकास के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा ज्ञान का एवं कचरे का संपत्ति के रूप में रूपांतर करना देश की आवश्यकता है। देश में आज बड़े प्रमाण में तकनीकी केंद्र हैं। उन केंद्रों को इंजीनियरिंग कॉलेजों को लीज पर देना चाहिए। इससे इस केंद्र के माध्यम से विद्यार्थी नई खोज, नई तकनीक का पता लगा सकते है। उसका उपयोग उत्पादन क्षेत्र के लिए, नई डिजाइन के लिए किया जा सकेगा। इससे देश में उत्पादन का दर्जा बढ़कर उसे अंतर्राष्ट्रीय बाजार की स्पर्धा में लाया जा सकता है।
गडकरी ने कहा नई तकनीक, नई खोज, सामान्य व्यक्ति तक पहुंचाना आवश्यक है। रोजगार की क्षमता कौनसे क्षेत्र में सर्वाधिक है इसका पता लगाना चाहिए। गडकरी ने कहा आज देश में चावल काफी प्रमाण में है। उससे इथेनाल ईंधन निर्मिती के संबंध में सरकार अपनी मंजूरी देना जरूरी है। आवश्यक इथेनॉल की निर्मिती की गई तो ही अर्थव्यवस्था २ लाख करोड़ तक जा सकती है। रोजगार निर्माण होगा तथा ग्रामीण व कृषि क्षेत्र का विकास होने में मदद मिलेगी।
