सुष्मिता के सपनों की उडान में पंखों को मिली ज्ञान की ताकत
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नागपुर। शहर की कुमारी सुष्मिता शंकर खेताडे ने एक बार फिर साबित कर दिया कि इच्छाशक्ति के बल पर सपने पूरे किए जा सकते हैं। बिना मॉ बाप एवं आर्थिक स्थिती कमजोर होने के बावजुद उसने डॉक्टर बनने और रोगियों की सेवा करने का फैसला किया, क्योंकि उसके माता-पिता कैंसर से पीड़ित थे। आज उसे अपने सपने पूरे करने के लिए यवतमाल के गवर्नमेंट कॉलेज में एमबीबीएस के लिये दाखिला मिला।
सुष्मिता, जिन्होंने कम उम्र में अपने माता-पिता की छत्रछाया खो दी और मॉ बाप के प्यार से वंचित हो गईं, वही मामा-मामी प्रकाश सोनकुसरे ने उसके मॉ-बाप की कमी पुरी करते हुये उसका ध्यान रखा और उसका भविष्य संवारना शुरू कर दिया।
सुस्मिता के सपनों को शक्ति देने के लिए, अस्तित्व फाउंडेशन ने मदत के लिये कदम आगे बढ़ाया और समय - समय पर संगठन के अध्यक्ष प्रकाश हेडाऊ द्वारा मार्गदर्शन और सहयोग किया जा रहा है। महाराष्ट्र टाइम्स के आनंद कस्तूरे ने अपने समाचार पत्र के माध्यम से मदद का हाथ बढ़ाया।
एमबीबीएस में प्रवेश पाने के लिए, पीएमटी परीक्षा में सफल होने की आवश्यकता होती है और इसके लिए उसकी वित्तीय स्थिति को देखते हुए, अकोला के चौधरी क्लासेस के प्रो. वसीम चौधरी ने कोचिंग के माध्यम से उनके पंखों को ज्ञान की ताकत दी।

