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माना हो तुम...



खाकी वर्दी कें गायकों ने सजाई संडे शाम

नागपुर। गणतंत्र दिवस के अवसर पर, हार्मोनी इवेंट्स ने  'save art save artist' अंतर्गत  खाकी वर्दी में के गायकों के लिए मधुर गीतों का कार्यक्रम 'एक शाम खाकी के नाम' प्रस्तुत किया। पुलिस विभाग में काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों ने इस कार्यक्रम में विभिन्न गीतों का प्रदर्शन किया। 

हार्मोनी इवेंट्स ने रविवार को मधुर गीतों की शाम  'एक शाम खाकी के नाम' का कार्यक्रम आयोजित किया। आईपीएस अमितेश कुमार सीपी, नागपुर, आईपीएस सुनील फुलारी अतिरिक्त सीपी, क्राइम नागपुर, आईपीएस विवेक मसाल डीसीपी ईओडब्ल्यू नागपुर इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे। 

इस कार्यक्रम को हार्मोनी इवेंट्स एंड म्यूजिक डांस अकादमी के फेसबुक पेज पर लाइव टेलीकास्ट किया गया। कार्यक्रम की परिकल्पना राजेश समर्थ ने की थी जबकि मंच संचालन श्वेता शेलगांवकर ने किया। पुलिस गायक अशोक बागुल, मोहम्मद मुनाफ, विनोद कांबले, श्रीकांत साबले, स्वाति बोरकर, आरती शर्मा ने विभिन्न गीतों की प्रस्तुति दी। 

मोहम्मद मुनाफ ने कार्यक्रम की शुरुआत कोई जब राह इस गीत से की। उसके बाद अशोक बागुल ने मेरे दिल ने तडप के गीत को गाकर कार्यक्रम में रंग भरे। माना हो तुम, ओ मनचली, में जट यमला जैसे सोलो गीतों के साथ साथी गायिकोओं के साथ वादा करके साजना, चांद ने कुछ कहां जैसे गीतों की प्रस्‍तुती दी। 

एहसान तेरा होगा यह गीत विनोद कांबले ने जबकि ये दुनिया ये महफिल यह गीत मो. मुनाफ ने प्रस्‍तुत किया। उन्होंने अपने साथी गाय‍कों के साथ ये दिल तुम बिन, हाथो की चंद, प्‍यार हमार अमर रहेगा जैसे युगल गीतों का प्रदर्शन किया। 

कार्यक्रम का समापन सुनो गौर से इस जोशपूर्ण गीत के साथ मोहम्मद मुनाफ और विनोद कांबले द्वारा किया गया। मनोज वीडियो के प्रभारी थे, हर्शेल साउंड के प्रभारी थे और माइकल ने प्रकाश व्यवस्था संभाली।

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