धनश्री भगत, प्रशांत मानकर के गीत ने दर्शकों का जीता दिल
रजनीगंधा संगीत अनलिमिटेड द्वारा संगीत संध्या का आयोजन
नागपुर। धनश्री भगत की मै हू खूश रंग हीना, जादू है नशा है और प्रशांत मानकर की चांद से परदा किजीए ने आभासी कार्यक्रम में दर्शकों का दिल जीत लिया। रजनीगंधा म्यूजिक अनलिमिटेड की ओर से मराठी और हिंदी गानों का एक कार्यक्रम आयोजित किया गया।
मुख्य गायक के रूप में आए प्रवीण भिवगडे ने बचना है हसीनो, तुम बीन जाऊ कहॉ, जबकि सीमा लुहा ने छोड दे सारी दुनीया, ये राते नयी पुराणी का प्रदर्शन किया। सह - गायक के रूप में आए प्रशांत बर्वे ने 'मेरे सपनो की रानी, आंनेवाला पाल जानेवाला है' गीत गाया, माधव पटले ने बदन पै सितारे, लाखों है निगाह मै यह गीत गाया।
कार्यक्रम की शुरुआत गायत्री खेडकर के गाने तु शायर है मैं तेरी शायरी से हुई। रजनीगंधा च्या संचालिका परिणीता मातुरकर इन्होने प्रशांत बर्वे के साथ लेकर हम दिवाना दिल यह गाने गाकर रौनक ला दी। गायत्री खेडकर कोई मतवाला आया, मिलो ना तुम तो हम यह गाने गाए।
अशोक धोरे, मुरलीधर खिलरानी, सुषमा देशमुख, किरण जायसवाल, कमलेश ताहिलानी, रमेश हिवले ने भी अपने गीत प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का निर्देशन रजनीगंधाकी संचालिका परिणीता मातुरकर ने अपने सहगायको के साथ विभिन्न गीतो की प्रस्तुत कर कार्यक्रम मे रंग भर दिये। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में रसिक उपस्थित थे।
