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इच्छा शक्ति, ईमानदारी, सच्चाई व अनुशासन ही सफलता का सूत्र : तलरेजा




नागपुर। नगर के सिंधी कलाकारों की सामाजिक व सांस्कृतिक संस्था सिंधुड़ी यूथ विंग व सिंधुड़ी सहेली मंच के संयुक्त तत्वावधान में, सुहिंणा सिंधी  के फेसबुक पेज पर  मोटीवेशनल स्पीक के कार्यक्रम को हजारों दर्शकों ने खूब सराहा। सिंधुड़ी यूथ विंग के संथापक संयोजक तुलसी सेतिया के संयोजन में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय सिंधी भाषा विकास परिषद के उपाध्यक्ष घनश्याम कुकरेजा ने की। बंगलादेश स्टील री रोलिंग मिल के प्राडक्शन हेड अनिल कुमार छाबड़ा, सुहिंणा सिंधी पूना के अध्यक्ष पीतांबर पीटर ढलवानी, संत कंवरराम साहिब की भूमिका निभाने वाले कलाकार परसराम चेलानी विशेष अतिथी के रुप में उपस्थित थे। 

ख्याति प्राप्त मोटीवेशनल स्पीकर वाधनदास तलरेजा ने 'बड़ी सोच का बड़ा जादू' इस विषय पर विचार रखते हुए कहा कि जीवन में कुछ बड़ा करना है या सफलता को छूना है तो ईमानदारी, इच्छा शक्ति, सच्चाई व अनुशासन चार गुण होना अति आवश्यक है।1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने कड़ी मेहनत, दूर दृष्टि,पक्का इरादा व अनुशासन यह चार सूत्र दिए थे। विद्धवान लेखक आग मडीनो ने भी सफलता के लिए V. D. A. D.   व्हीजन, डिसीशन, एक्शन व  डिजा़यर  यह चार बातें कही हैं। वाधनदास तलरेजा ने आगे कहा  कि जैसा हम सोचते हैं वैसा ही बनते हैं सोच बड़ी रखें, हमें यह भी सोचना चाहिए अगर हम असफल हुए हैं तो क्यों? उसके भी चार कारण हैं अकर्मणर्ता, अव्यव्हारिकता, अनैतिकता और संकींर्णता। 

तलरेजा ने कहा कि विभाजन के बाद डहकरी सिंध पाकिस्तान से ग्वालियर आए बहुत संघर्ष के बाद सिंधी समाज के श्री झांगीराम अहमदाबाद गये वहां पर सलवार सूट का कारखाना लगाया एक साल में सैकड़ो परिवारों को सलवार सूट के कारखाने लगवाकर दिए, हजारों लोगों को रोज़गार से लगाया। केशव जाधवानी ने 1981में प्रिंटिंग सलवार सूट का आरंभ किया। अहमदाबाद सलवार सूट का हब बन गया।उन्होने अपने संघर्ष के बारे , धीरुभाई अम्बानी, व गुजरात की अमृतबेन के बारे में ,उनकी सोच व सफलता के उदाहरण बताए।

राष्ट्रीय सिंधी भाषा विकास परिषद के उपाध्यक्ष घनश्याम कुकरेजा ने कहा कि भूतपूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम मिसाइल मेन, स्वामी विवेकानंद, दयानंद सरस्वती ने अपनी सोच से समाज में बदलाव लाया, नागपुर के दादा रोचलदास केवलरामानी की बड़ी सोच के कारण कैंसर हास्पीटल बनीं। दादा वाधनदास की  पुस्तक ज़िद करो जीवन बदलो बड़ी सोच के लिए प्रेरित करती है।

सिंधुड़ी यूथ विंग ने किशोर लालवानी के लिखे व तुलसी सेतिया के निर्दशित नाटकों का मंचन देश विदेश में कर सिंधियत का प्रचार प्रसार किया है,यह उनकी बड़ी सोच का ही नतीजा है। इस अवसर पर अनिल कुमार छाबड़ा ने कहा कि किसी भी क्षे बड़ी सोच के साथ सही प्लानिंग करना अत्यावशक है, जिस प्रकार सोलर सिस्टम् है और हर ग्रह नियम से अपने सिस्टम से चलता है उसी प्रकार हमें अगर सफलता को हासिल करना है तो सिस्टम् को फालोअप करना होगा,अगर कोई ग़लती कर रहा है तो हमें उसकी स्किल को इंम्प्युट करना है। इच्छा शक्ति को जगाए रखें और हिम्मत से कार्य करेंगे तो सफलता मिलनी ही है। 

पीतांबर पीटर ढलवानी ने अतिथियों का स्वागत किया। परसराम चेलानी ने कहा कि सकारात्मक सोच से ही बड़ा जादू संभव है। परसराम ने अपने व्यवसाय व कला  क्षेत्र के  बारे में जानकारी दी। सिंधुड़ी सहेली मंच की महासचिव मंजू कुंगवानी ने उदय अकादमी की ओर से  21फरवरी से शुरू हो रहे  UPSC/IAs/lPS/IRS के क्लासेस बारे में जानकारी दी। प्रस्तावना तुलसी सेतिया ने रखी। सिंधुड़ी सहेली मंच की अध्यक्षा कंचन जग्यासी ने आभार माना।
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