पेट्रोल - डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के खिलाफ आंदोलन
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नागपुर। देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार इसके लिए जिम्मेदार है और नागरिक दिन-प्रतिदिन पीड़ित हैं। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भी गिरावट आई है। इसलिए कंपनियों द्वारा पेट्रोल और डीजल में पहले की बढ़ोतरी को लेकर उपभोक्ताओं में नाराजगी का माहौल है। माल ढुलाई और सार्वजनिक परिवहन प्रणालियाँ बड़ी मात्रा में डीजल का उपयोग करती हैं। डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी ने पहले ही मालभाड़े की कमर तोड़ दी है और रिक्शा और टैक्सी चालकों को बढ़ोतरी का संकेत दिया है।
उसके अलावा, किसानों के ट्रैक्टर केवल डीजल पर चलते हैं। डीजल की बढ़ती कीमत इन घटकों की लागत को बढ़ा रही है। अगले कुछ हफ्तों में ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण मुद्रास्फीति बढ़ने की संभावना है। राष्ट्रवादी वाहतूक सेल के कार्यकर्ताओं ने सड़क पर आंदोलन किया और सड़क पर साइकिल, घोडे, बैलगाड़ी और बिना पेट्रोल दोपहिया वाहन चलाए गए।
इस समय कई स केंद्र सरकार के विरोध मे फलक बनाए गए थे। कोरोना काल के दौरान, देश में ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का संकट गहराता जा रहा है। कोरोना वायरस के कारण देश एक बार फिर तालाबंदी लागू करने की कगार पर है। इसी तरह, कई उद्योगों के बंद होने से आम आदमी की आर्थिक स्थिति बिगड़ रही है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) वाहतूक सेल ने आज देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के विरोध में आक्रामक रुख अपनाया। पेट्रोल और डीजल सहित आवश्यक वस्तुओं की कीमतें बढ़ गई हैं।
कोरोना के कारण होने वाले आर्थिक घाटे के लिए अन्य देश सीधे तौर पर देश के तिजोरी से लोगों की मदद कर रहे हैं। हालांकि, हमारी केंद्र सरकार लोगों से अतिरिक्त कर वसूल रही है ऐसा इस मौके पर एनसीपी के प्रवक्ता श्रीकांत शिवणकर ने कही है। इस अवसर पर शहराध्यक्ष अनिल अहिरकर, दक्षिण नागपूर अध्यक्ष अशोक काटले, उत्तर नागपूर अध्यक्ष विशाल खांडेकर, लक्ष्मीताई सावरकर, रवी पराते, सरदार चरणजीत सिंग चौधरी, राजेश तिवारी, पलांदुरकर साहेब, मेहबूब पठाण, निसार अली, कुलदीप शर्मा, अमित शुकला, सचिन शाहू, प्रशांत तिजारे, नरेंद्र बोरकर, अक्षय माधवी, निखिल ठक्कर, अक्षय पाराजी, विकी मून, प्रीतम चक्रवर्ती, मोहसिन शेख, इंदर सैनी, सैयद खिज्र अली, अंगद यादव अनेक कार्यकर्ता उपस्थित थे।

