राष्ट्रीय महिला दिवस व मातृ पितृ पूजन दिवस निमित्त विविध कार्यक्रम
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सिंधु सभा महिला मंच का आयोजन
नागपुर। 'हजारो फूल चाहिए एक माला बनाने के लिए हजारों दीपक चाहिए एक आरती सजाने के लिए हजारों बूंद चाहिए समुद्र बनाने के लिए
पर एक 'स्त्री' अकेली ही काफी है घर को स्वर्ग बनाने के लिए' सिंधु सभा महिला मंच द्वारा माता - पिता का पूजन करते हुए कार्यकारिणी सदस्यों का शपथ ग्रहण समारोह तथा सिंधी वेशभूषा प्रतियोगिता का कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजन किया गया.
इस कार्यक्रम की प्रमुख अतिथि अधिवक्ता राजश्री देवानी उपस्थित थी। कार्यक्रम की शुरुआत इष्टदेव झूलेलाल की मूर्ति पर माल्यार्पण तथा द्विप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके पश्चात मुख्य अतिथि तथा सभी आए हुए अतिथियों का स्वागत किया गया।
कार्यक्रम की प्रस्तावना तथा सिंधु महिला मंच के बारे में जानकारी डॉ. वंदना खुशालानी ने प्रस्तुत की। दादा घनश्याम कुकरेजा ने सिंधी भाषा की संस्कृति एवं उसके विकास के लिए किए जाने वाले प्रयासों के बारे में सभी को अवगत कराया तथा अपनी मातृभाषा के प्रति अभिमान की भावना रखने के लिए प्रेरित किया। स्त्री की महत्ता को दर्शाते हुए सिंधु महिला मंच की नई कार्यकारिणी सदस्यों की घोषणा की गई। डॉ वंदना खुशालानी (अध्यक्ष), कंचन केसवानी (उपाध्यक्ष) श्रीमती वंशिका केसवानी (कार्यकारी अध्यक्ष), राखी कुकरेजा (महासचिव), कोमल खूबचंदानी (सचिव) , सारा सचदेव (संयुक्त सचिव) , प्रियंका पंजवानी (संयोजिका), भारती कालरा (संयोजिका) श्रीमती महक आडवाणी (सह- संयोजिका), मीनाक्षी मेघराजानी (सह- संयोजिका) सलाहकार समिति में हेमा सावलानी, नीलम विरानी, राशि वासवानी,कोमल साधवानी, राशि तेजवानी कार्यक्रम प्रतिनिधि अधिकारी में रती वंजानी, सिया गोधवानी, पूनम गोपलानी, रिया तेजवानी तथा आईटी सेल में निशा मोटवानी तथा संगीता कुकरेजा को शामिल किया गया।
इसके पश्चात कार्यकारिणी सदस्यों को आई- कार्ड एवं मोमेंटो देकर उन्हें उनके पदों द्वारा उनकी जिम्मेदारियों से अवगत कराया गया। हम सदैव सिंधी भाषा का उपयोग करते हुए इसके संवर्धन के लिए प्रयास करेंगे और घरों में सिंधी भाषा का ही उपयोग करेंगे ऐसी शपथ कार्यकारिणी सदस्यों एवं उपस्थित सदस्यों को कार्यकारी अध्यक्ष वंशिका केसवानी द्वारा दिलवाई गई। सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत छात्राओं के नृत्य 'जिए सिंध जिए सिंधवारा जियन' द्वारा हुई।
इस नृत्य की तैयारी राशि तेजवानी ने करवाई। इसके पश्चात सिंधी वेशभूषा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।इसके लिए चित्रा दौलतानी तथा दिव्या गुरबाणी ने निर्णायक पद के रूप में अपनी भूमिका निभाई। इस प्रतियोगिता में सभी विद्यार्थियों को प्रोत्साहन पुरस्कार एवं सर्टिफिकेट दिए गए। सिंधु सभा महिला मंच की मेंबर पूजा मोरियानी के निर्देशन में सिंधी नृत्य की प्रस्तुति उनके ग्रुप द्वारा की गई। अरुणा टहिल्यानी, सुश्री अंशिका टहिल्यानी तथा सुश्री नीतू केवलरामानी द्वारा सुमधुर सिंधी गीतों का प्रस्तुतीकरण किया गया।
इस रंगारंग कार्यक्रम में सभी ने सिंधी संस्कृति की झलक को देखकर अपना मन आनंद विभोर किया। कार्यक्रम की प्रमुख अतिथि राजश्री दीवानी ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों को देखकर भावविभोर हो गई और सभी के प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम के बीच में सिंधी संस्कृति के विषय में प्रश्न पूछे गए और लोगों को सिंधी भाषा के बारे जानकारी प्रदान की गई। सिंधी सभ्यता के जानने वालों को पुरस्कार दिए गए।
राखी कुकरेजा द्वारा सिंधी संस्कृति एवं सिंधी सभ्यता को बढ़ाने हेतु किए गए प्रयासों के बारे में बताया गया।कार्यक्रम का संचालन नीलम वीरानी तथा श्रीमती मीनाक्षी मेघराजानी ने किया। सिंधी वेशभूषा प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार कुमारी मन्नत बेलानी, द्वितीय पुरस्कार कुमारी पलक लालवानी तथा तृतीय पुरस्कार कुमारी आश्विका आडवाणी तथा तन्मय अल्वानी को दिया गया। कार्यक्रम में श्री विक्की कुकरेजा (सभापति आरोग्य व वैद्यकीय समिति नागपुर महानगर पालिका), तेजिंदर वेणुगोपाल, रत्ना कुकरेजा, श्री प्रकाश केवलरामानी, राकेश मोटवानी (महासचिव भारतीय सिंधु सभा सांस्कृतिक मंच), नीतू मोटवानी, श्रीमती लाजवंती कुकरेजा तथा पुष्पा डेमला प्रमुख रूप से उपस्थित थे। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सिंधु सभा महिला मंच के राखी कुकरेजा, कंचन केसवानी, प्रियंका पंजवानी, भारती कालरा, हेमा सावलानी, महक आडवाणी, रति वंजानी, सिया गोधवानी, हनी थदानी, कशिश बहिलानी तथा अन्य सभी सदस्यों द्वारा अथक प्रयास किए गए।
इसके अलावा जगदीश वंजानी तथा मोहनीश वाधवानी कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए प्रयासरत रहे। कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन सारा सचदेव ने किया कार्यक्रम का समापन पल्लव से किया गया जिसे 4 वर्षीय नील सचदेव ने सभी के सम्मुख प्रस्तुत किया।

