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स्वाधीन चेतना की अभिव्यक्ति है भारतीय साहित्य : जितेन्द्र श्रीवास्तव




नागपुर। भारतीय साहित्य, भारतीय जीवन मूल्यों का संवाहक है।यह भारतीय स्वाधीन चेतना की अभिव्यक्ति है। भारतीयता को सुदृढ़ करने वाले भावों और विचारों की चिंता इसका केन्द्रीय भाव है। यह बात हिन्दी के चर्चित कवि - आलोचक प्रो. जितेन्द्र श्रीवास्तव ने हिन्दी विभाग, राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित विशिष्ट व्याख्यान में कही। व्याख्यान का विषय था 'भारतीय साहित्य की रूपरेखा'। 

उन्होंने भारतीय चेतना में व्याप्त अंत:सूत्रता को रेखांकित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय एकीकरण में भारतीय भाषाओं के साहित्य, साहित्यकारों, विचारकों का महत्वपूर्ण योगदान है। भारतीय भाषाओं में रचित कथा परम्परा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि हमारी आख्यानपरक कथा- परिपाटी में ही स्वाधीन चेतना का भाव विद्यमान है। यह चेतना सामाजिक जागरुकता का आधार है। पूरी भारतीय कथा परम्परा में सामाजिक जागरुकता पर ही बल दिया गया है। यही समग्र भारतीय समाज के एकीकरण की बुनियाद है। 

प्रो. श्रीवास्तव ने इस बात पर बल दिया कि स्वाधीनता केवल राजनीतिक आजादी मात्र नहीं है, समस्त रूढ़ियों, परम्पराओं, कुंठाओं के विरूद्ध खड़े होने, उन्हें पहचानने का विवेक है। भारतीय कथाकारों ने समाज की समस्त कुरीतियों के विरुद्ध आवाज उठायी।
         
व्याख्यान की दूसरी अतिथि वक्ता थी श्री शंकराचार्य संस्कृत विश्वविद्यालय कालडी, केरल की हिन्दी विभागाध्यक्ष प्रो. शांति नायर, उन्होंने दक्षिण भारतीय भाषाओं में व्याप्त भारतीय मूल्य - चेतना को रेखांकित करते हुए कहा कि भारतीय साहित्य की अंत: धारा एक है। उसमें समस्त भारतीय समाज की चिंता परिव्याप्त है। दक्षिण भारतीय कवियों ने भारतीय जीवन दर्शन को अपना आधार बनाया। उन्होंने सामाजिक समन्वय और सौहार्द स्थापित करने का प्रयास किया।
      
कार्यक्रम की प्रस्तावना रखते हुए विभागाध्यक्ष डॉ. मनोज पाण्डेय ने कहा कि भारतीय साहित्य, भारतीय मूल्य-व्यवस्था का प्रतिबिंब है। साहित्य ने समाज को जोड़ने का उपक्रम किया है। भारतीय जीवन - मूल्यों के संवर्धन में साहित्य की उल्लेखनीय भूमिका रही है। 

अतिथि वक्ताओं का परिचय डॉ. निखिलेश यादव तथा प्रा. दिलीप गिरहे ने और आभार प्रदर्शन डॉ. संतोष गिरहे ने किया। सूत्र - संचालन डॉ.सुमित सिंह ने किया। इस अवसर पर अनेक विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान विषय विशेषज्ञों द्वारा किया गया।
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