रजनीगंधा म्युझीक अनलिमिटेड द्वारा आयोजित मराठी हिंदी गीतों से मंत्रमुग्ध
https://www.zeromilepress.com/2021/02/blog-post_217.html
नागपुर। रजनीगंधा म्युझीक अनलिमिटेड द्वारा मराठी हिंदी गीतों से श्रोतोंको मंत्रमुग्ध कर दिया गया। कार्यक्रम की शुरुआत एम. व्ही. पारधे द्वारा प्रस्तुत गीत 'सूर तेच छेडीता गीत उमटले नवे' से हुई। उसके बाद श्री.पारधे ने ‘कीसी पत्थर के मुरत’, तुम्हारा चाहनेवाले खुदा की’ से इन गीतों की प्रस्तुति दी अतिथि गायक के रूप में आए शिव राज जी ने ‘दिल को देखो, चेहरा ना देखो’, ‘प्यार-प्यार चाही ये थोडा प्यार’ इस गीत का प्रदर्शन किया।
शिवराज और जया धाबेकर ने युगल गीत "करवटे बदले रहे" का प्रदर्शन किया जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। गायत्री खेडकर ने गगन सदन तेजोमय, सुनो सजना पपी हे ने, तू जहाँ चलेगा, चंदन सा बदन इस गीत का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम की सहसंयोजन करनेवाली धनश्री भगत ने तेरी निगाह ने दिल को, रोज शाम आती थी मगर, इस गीत की प्रस्तुति दी और दर्शकों पर अपना जादू चलाया।
धनश्री भगत और प्रशांत मानकर ने युगल गीत वादा रहा सनम का प्रदर्शन कर दर्शकों को अपनी ओर खींचा। संतोष लिखार अरे ओ शोख कलीयों, करमे वादे प्यार वफा, मेरी दुनीया है तुझमे, तुम को पाया है तो जैसे इस गीत का सादरीकरण किया। तुम अगर साथ देने का, कांची रे कांची रे प्रवीण अडूलकर और परिणीता मातुरकर ने गाया है।
मृणाल ताम्हन ने पान खायो सय्या हमारे, जरा जरा मेहेकता है गीत की प्रस्तुति की। विवेक कुन्नावार और जया धाबेकर ने युगल गीत तेरे चेहरे से नजर नही हटती, जबकि विवेक कुन्नावार ने जब जी ना लगे, ये दिल ना होता बिचार, तेरे जैसा यार कहॉ इस गीत ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
प्रशांत मानकर ने शोधिसी मानवा राहुळी मंदिरी गीत प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का संचालन और निर्देशन परिणीता मातूरकर ने किया और संगीत की योजना मंगेश पटले ने बनाई थी।
