लद्दाख में खुलेगा सिंधु केंद्रीय विश्वविद्यालय
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प्रधानमंत्री का सिंधी समाज ने माना आभार
नागपुर। लद्दाख में प्रस्तावित युनिवर्सिटी का नाम 'सिंधु केंद्रीय विश्वविद्यालय' रखने से सिंधी समुदाय बेहद हर्षित है. राष्ट्रीय सिंधी भाषा के उपाध्यक्ष घनश्याम कुकरेजा ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अभिनंदन करते हुए केंद्र सरकार का आभार जताया है.
उन्होंने बताया कि 2020 में स्वतंत्रता दिवस के दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लद्दाख में एक नए केंद्रीय विश्वविद्यालय के निर्माण की बात की थी. लद्दाख प्रशासन ने इसके लिये लेह और कारगिल के बीच स्थित खाल्टसी गांव में करीब 110 एकड़ जमीन की पहचान कर ली है.
इस विश्वविद्यालय का नाम पावन सिंधु नदी के नाम पर रखा गया है जो कि हिंदुस्तान व पाकिस्तान दोनों में बहती है. विश्व प्रसिद्ध सिंधु घाटी सभ्यता व संस्कृति इसी पावन सिंधु नदी के किनारे ही विकसित हुई.
कुकरेजा ने बताया कि सिंधु शब्द से हमारे सिंधी समाज का भावनात्मक लगाव है. इतनी समृद्ध व वैभवशाली सभ्यता होने के बावजूद सिंधी समाज अपने ही देश में प्रदेश विहीन रह रहा है जिससे सिंधियत का अपेक्षित प्रचार-प्रसार नहीं हो पाया है. ऐसे सरकारी प्रयासों से समाज को आनंद की अनुभूति होती है और जड़ों से जुड़ाव महसूस होता है.
