सजीव छायाचित्र समाज के उत्थान का उत्कृष्ट माध्यम : मोहन भागवत
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नागपुर। छायाचित्र अथवा प्रकाशचित्र यह संवाद का एक उत्कृष्ट माध्यम है, साथ ही कुछ लोगो के लिये आजीविका का साधन है ऐसे विचार सरसंघचालक श्री मोहन भागवत ने विश्व छायाचित्रण दिवस के अवसर व ऑरेंज सिटी फोटोग्राफर्स क्लब के रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष मे अपने संदेश मे कहे. छायाचित्रण से आनंद की प्राप्त होती है. अच्छे छायाचित्र से व्यवसाय मे बढोत्तरी हो सकती है, साथ ही छायाचित्रकारों व्यक्तित्व का भी विकास होता है. क्लब के उज्वल भविष्य के लिये उन्होने अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की.
सजीव
छायाचित्र समाज शिक्षण के उत्कृष्ट माध्यम के साथ कला की उत्कृष्टता व कला
का सौंदर्य व व्यवसाय की अचूकता व उत्कृष्टता इन चार अंगो के माध्यम से
छायाचित्रो का महत्व श्री मोहनजी भागवत ने कहा.
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ऑगस्ट यह दिवस विश्व मे विश्व छायाचित्रण दिवस के रुप में मनाया जाता है.
इस दिन के अवसर पर 9 अगस्त 1995 को ऑरेंज सिटी फोटोग्राफर्स क्लब की
स्थापना हुई.
प्रति वर्ष क्लब द्वारा छायाचित्र स्पर्धा व प्रदर्शनी का
आयोजन इस अवसर पर होता है. पिछले वर्ष कोवीड महामारी के कारण यह स्पर्धा
ऑनलाईन आयोजित की गई. इस वर्ष भी परिस्थतीनुसार 25 वी छायाचित्र स्पर्धा
ऑनलाईन आयोजित की गई है.
श्री मोहन भागवत कुछ वर्षों
पुर्व क्लब की छायाचित्र प्रदर्शन के अवलोकन के लिये आयं थे. छायाचित्र
प्रदर्शन देखकर उन्होने आनंद व्सक्त किया व अगले वर्ष भी प्रदर्शन मे आने
का आश्वासन आयोजको को दिया.
रजत जयंती वर्ष के संयोजक
चेतन जोशी, क्लब अध्यक्ष राजन गुप्ता, ऑनलाईन छायाचित्र स्पर्धा संयोजक
डॉ. मातरिश्व व्यास, सहसंयोजक समरेश अग्रवाल, पंकज गुप्ता, विनोद खापेकर,
मंगेश तोडकर, पुर्व अध्यक्ष नाना नाईक, आनंद बेटगीरी, दिनेश चौहान, सुनिल
इंदाणे, अरुण कुलकर्णी, कमलेश वसाणी, रमाकांत झाडे, सुरेश पारळकर, दिनेश
मेहेर ने रजत जयंती वर्ष को सफल बनाने मे काफी मेहनत की है.