20 सितंबर से पित्रपक्ष प्रारंभ
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अश्विन कृष्ण अमावस्या 6 ऑक्टोम्बर तक चलेगा
नागपुर। भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा से पितृपक्ष का आरंभ 20 सितंबर से हो रहा है जो अश्विन कृष्ण अमावस्या तक 6 ऑक्टोम्बर तक चलेगा। इन सोलह दिनों तक पूर्वजों को याद कर उन्हें आभार व्यक्त करने की परंपरा है, पितृ पक्ष में पितरों को याद कर उन्हें सम्मान प्रदान किया जाता है। हमारे पूर्वज अपनी देह का त्याग कर देते है, उनकी आत्मा की शांति के लिए पितृ पक्ष में तर्पण किया जाता है, इस क्रिया को श्राद्ध भी कहा जाता है।
शांतिनगर निवासी पं. सुनील शर्मा के अनुसार श्राद्ध का अर्थ होता है, श्रद्धा पूर्वक, ऐसा माना जाता है कि पितृ पक्ष यानि श्राद्ध पक्ष के दिनों में मृत्युलोक के देवता यमराज पूर्वजों की आत्मा को मुक्त कर देते हैं, ताकि वे अपने परिजनों के यहां जाकर तर्पण श्राद्ध भोज ग्रहण कर सकें। श्राद्धपक्ष का माहात्म्य उत्तर व उत्तर-पूर्व भारत में ज्यादा है। महाराष्ट्र में इसे अखरपक्ष पंधरवाडा नाम से भी जाना जाता है। पितृपक्ष का समापन 6 ऑक्टोम्बर को सर्वपितृ अमावस्या के दिन होंगा।
