'सुर के साथ गुरु का मिलन' कार्यक्रम हुआ संपन्न
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नागपुर। भास्कर वाघुले एंटरटेनमेंट के कलाकारों ने रविवार को गुरु की थीम पर आधारित बेहद लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुति देकर शिक्षक दिवस मनाया। इस कार्यक्रम को फेसबुक प्रशंसकों ने खूब सराहा। भास्कर वाघुले एंटरटेनमेंट द्वारा प्रस्तुत शिक्षक दिवस के अवसर पर 5 सितंबर को शाम 4 बजे विशेष गीत कार्यक्रम "सुर के साथ गुरु का मिलन" का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की संकल्पना भास्कर वाघुले इनकी थी। कार्यक्रम का संचालन कृष्ण महादुरे इन्होने किया था। और समन्वयन श्रीकांत सप्रे इनका था। अतिथि गायक कलाकारों ने मधुर गायन से कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। कार्यक्रम की शुरुवात में मोना उडान इन्होने फिल्म उबंटु का गाना "हीच अमुची प्रार्थना" से की थी। उसके बाद उमा रघुरामन ने लता दीदी की आवाज के आवाज में गाया गया फिल्म खानदान का मधुर गीत "तुम्ही मेरे मंदिर" की प्रस्तुति की।
नंदिनी पोजगे ने वजीर फिल्म के गीत "सांज ये गोकुली" पर प्रदर्शन किया। आशुतोष चहांदे ने फिल्म "रुक जाना नहीं तू" से किशोर कुमार द्वारा गाया गया गीत गाया। प्रसिद्ध फिल्म "कोहरा" का हेमंत कुमार इनका गीत "राह बनी मंजिल" उन्ही के द्वारा संगीतबद्ध किया हुआ गीत प्रमोद अंधारे इन्होने पेश किया। उसके बाद, गायकों ने "ये परदा हटा दो", 'आने वाला पल जाने वाला', "गम है किसी प्यार में","अधीर मन झाले", 'दो नैनो की एक कहानी' 'तेरा मेरा प्यार अमर' ऐसे कई एक के बाद एक गीतों का प्रदर्शन करके कार्यक्रम में रंगत लाई। यह कार्यक्रम प्रसन्ना इनके सहयोग से बेसा स्टूडियो से प्रसारित किया गया था। इस कार्यक्रम का भास्कर वाघुले के फेसबुक पेज पर सीधा प्रसारण किया गया।
