उभरते सितारे : प्रेम भाईचारा सौहार्द के बीच हुआ भक्ति सागर का आयोजन
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नागपुर। विदर्भ हिंदी साहित्य सम्मेलन का उपक्रम उभरते सितारे में, आपसी प्रेम - भाईचारा - सौहार्द के बीच भक्ति सागर का आयोजन किया गया. जिसमें फिल्म निर्माता - निर्देशक - संपादक डॉ. आनंद शर्मा उपस्थित रहे. इनका स्वागत संयोजक युवराज चौधरी ने किया. अपने संबोधन में डॉ. आनंद शर्मा ने नवोदित कलाकारों को शुभकामनाएं दी और बच्चों को संगीत के विभिन्न पहलुओं की जिसमें नृत्य और गायन के बारे में अच्छी जानकारियां दी.
तत्पश्चात भक्ति सागर में कु. किमया नन्हई ने 'बाजे मुरलिया बाजे..', जियान आहूजा ने 'ओ माय फ्रेंड गणेशा..', सार्थक खडसे ने 'इतनी शक्ति हमें देना दाता..', शाश्वत गजभिए ने 'अच्युतम केशवम..', रुपेश नन्हई ने 'विट्ठल विट्ठल हरी म्हणा..', साना गटपायले ने 'तेरी पनाह में हमें रखना..' गाकर समां बांध दिया. इसी क्रम में शुभदा देव , शैला काचोरे, संध्या माहुले, बाबा खान, मीनाक्षी केसरवानी, अनिरुद्ध खडसे, सुनील भगत, शशिकांत बनकर, बिंदु शर्मा, शालिनी दुबे, पल्लवी उधोजी ने भी भक्ति रस से सराबोर गीत प्रस्तुत किये.
भक्ति सागर में सुंदर नृत्य को कु. शिक्षा पाल, कुक्की अय्यर, प्रण्युषा सांगोळे, इस्पिता बॅनर्जी, दिशांत महामला, श्रेयांश वर्मा, कपिल भेलवा, दक्ष बोकड़े ने दिलकश नृत्य पेश किया. कार्यक्रम में बच्चों को रानी खान, रमेश अय्यर, अनोभा मदारे, माया शर्मा, अनामिका नाईक, सतीश सिल्लोड, राघव रुंगटा, सीमा लूहा, अभिजीत बागल, प्रवीण सोनी, महेंद्र आगरकर, डॉ. करूणा आटे और प्रोफेसर लिपिका चक्रवर्ती ने बच्चों की प्रतिभा को बहुत सराहा. कार्यक्रम में वैशाली मदारे और घनश्याम नन्हई ने सहयोग किया. कार्यक्रम का संचालन युवराज चौधरी ने किया.


