देवनागरी लिपि का लिप्यंतरण नहीं, लोकांतरण हो रहा है : डॉ. उदय प्रताप सिंह
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नागपुर/पुणे। देवनागरी लिपि लिप्यंतरण की दृष्टि से अत्यंत सरल व व्यवस्थित होने के बावजूद देवनागरी लिपि में लिप्यंतरण तो नहीं, बल्कि उसका व्यापकस्तर पर लोकातंरण हो रहा है। यह बड़े आश्चर्य की बात है । इस आशय का प्रतिपादन हिंदुस्तानी एकेडमी, प्रयागराज के अध्यक्ष डॉ. उदय प्रताप सिंह, राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त, उ.प्र.सरकार ने किया।
विश्व हिंदी साहित्य सेवा संस्थान, प्रयागराज के रजत महोत्सव के भौतिक समारोह में वे अध्यक्ष के रूप में अपना मंतव्य दे रहे थे। डॉ. सिंह ने आगे कहा कि, पच्चीस वर्ष का यह संस्थान युवावस्था में पहुंचा है, जिससे संस्थान में नए उमंग व उल्लास का भाव दिखाई देता है। देश की स्वैच्छिक हिंदी संस्थाएं ऐसा प्रयास करें कि हिंदी के माध्यम से देश व संस्कृति मजबूत हो जाये हैं।
डॉ विनय कुमार पाठक,पूर्व अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग, बिलासपुर ने कहा कि,किसी भी संस्थान का विकास संस्थान के कार्यकर्ता व सदस्यों के परिश्रम का परिणाम होता है। विश्व हिंदी साहित्य सेवा संस्थान राष्ट्र भाषा हिंदी के प्रचार- प्रसार में अभिनव कार्य कर रहा है।श्री ओम प्रकाश त्रिपाठी, सोनभद्र,उत्तर प्रदेश ने कहा कि संस्थान के सेवा की पच्चीस वर्ष हिंदी के प्रचार प्रसार की दृष्टि से अत्यंत प्रशंसनीय एवं अनुकरणीय है। संस्थान के अध्यक्ष प्राचार्य डॉक्टर शहाबुद्दीन नियाज मोहम्मद शेख, पुणे,महाराष्ट्र ने कहा कि किसी भी स्वैच्छिक हिंदी संस्थान की प्रगति संस्थाओं के सदस्यों की लगन, निष्ठा, परिश्रम, प्रामाणिकता व सक्रियता पर निर्भर करती है। विश्व हिंदी साहित्य सेवा संस्थान, प्रयागराज ने अपने विगत कार्यकाल में अनेक प्रतिभाओं को सम्मानित किया है।
संस्थान के सचिव डॉ. गोकुलेश्वर कुमार द्विवेदी आरंभ से संस्थान की गतिविधियों के प्रभावी रूप से संवाहक बने हुए हैं । उनके कार्यों की जितनी भी प्रशंसा की जाए वह कम ही होगी। प्रारंभ में श्रीमती नूपुर मालवीय, प्रयागराज ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की।
संस्थान के सचिव डॉ गोकुलेश्वर कुमार द्विवेदी ने संस्थान के पच्चीस वर्षों के प्रगति प्रतिवेदन पर विस्तार से प्रकाश डाला। इसके उपरांत मुख्य अतिथि डॉ. उदय प्रताप सिंह, अध्यक्ष, हिंदुस्तानी अकादमी, प्रयागराज के करकमलों से तथा संस्थान के अध्यक्ष प्राचार्य डॉ. शहाबुद्दीन नियाज मोहम्मद शेख, पुणे, महाराष्ट्र एवं डॉ. गोकुलेश्वर कुमार द्विवेदी की उपस्थिति में तथा डॉ. विनय कुमार पाठक, बिलासपुर, छत्तीसगढ़ व ओमप्रकाश त्रिपाठी, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश के सानिध्य में रजत पदक व अन्य सम्मानों से विभूतियों को सम्मानित किया गया, जिनमें - रजत पदक से डॉक्टर चंद्रदेव कवडे, औरंगाबाद, महाराष्ट्र, डॉ. विनय कुमार पाठक, बिलासपुर, छत्तीसगढ़, नागरी लिपि परिषद, नई दिल्ली , डॉक्टर शांति चौधरी, प्रयागराज को सम्मानित किया गया।
हिंदी सेवी सम्मान डॉ. अन्नपूर्णा श्रीवास्तव पटना, बिहार, कलाश्री सम्मान श्री जयराम पटेल, छत्तीसगढ़,श्री आदि रामचंद्र,पुणे,महाराष्ट्र, श्रीमती कुसुम वर्मा, लखनऊ, श्री वेदांग कुलकर्णी व सुधांशु परलीकर, औरंगाबाद,.महाराष्ट्र को तथा कथा सम्राट की उपाधि श्रीमती संतोष शर्मा 'शान' हाथरस,उत्तर प्रदेश व पूनम रानी शर्मा को, कुमारी समृद्धि तिवारी व शुभ दिवेदी प्रयागराज को बच्चा पार्टी प्रतियोगिता से सम्मानित किया गया।
श्री पवहारी शरण द्विवेदी, स्मृति न्यास से श्री नरेंद्र भूषण को कैलाश गौतम सम्मान- 2020, डॉ. प्रभांषु कुमार को राष्ट्रीय प्रतिभा सम्मान, डॉ वंदना श्रीवास्तव को महादेवी वर्मा सम्मान दिया गया। मीडिया फोरम ऑफ इंडिया की ओर से श्री आनंद कुमार साहू, छत्तीसगढ़ व मोहन आनंद तिवारी, भोपाल को सम्मानित किया गया।
काव्य सम्राट प्रतियोगिता के अंतर्गत डॉ. वंदना श्रीवास्तव, लखनऊ, डॉ पुष्पा श्रीवास्तव 'शैली' रायबरेली, डॉ. पूनम रानी शर्मा, कैथल, हरियाणा तथा अर्चना कृष्ण पांडे अमेठी, उत्तर प्रदेश,में से तथा डॉ. पुष्पा श्रीवास्तव शैली रायबरेली, उत्तर प्रदेश को काव्य सम्राट सम्मान में ग्यारह हजार की राशि व प्रमाण पत्र दिया गया। इस अवसर पर संस्थान की पत्रिका 'विश्व स्नेह समाज' का 176 पृष्ठों का रजत अंक स्मारिका के रूप मे प्रकाशित किया गया।मंच संचालन श्रीमती मधु शंखधर व श्रीमती नूपुर मालवीय, प्रयागराज ने किया।
