एक रास्ता है जिंदगी' में 'इंजीनियरों' ने गायन में दिखाया हुनर
https://www.zeromilepress.com/2021/09/blog-post_411.html
हार्मनी इवेंट्स की ओर से म्यूजिकल इवेंट
नागपुर। व्यावहारिक जगत में समकोण और त्रिभुज बनाकर विभिन्न क्षेत्रों में इंजीनियरिंग का प्रदर्शन करने वाले इंजीनियर भी गायन में दक्ष हैं। सर विश्वेश्वरैया के जन्मदिन यानी इंजीनियरिंग डे के मौके पर हार्मनी इवेंट्स की ओर से म्यूजिकल इवेंट का आयोजन किया गया था. विशेष रूप से इस कार्यक्रम में इंजीनियरों ने विभिन्न गीतों का प्रदर्शन किया और हमारी गुप्त अभिव्यक्ति को रास्ता दिया।
कार्यक्रम की अवधारणा अभियांत्रिकी राजेश समर्थ, जबकि श्वेता शेलगांवकर ने निवेदन किया। कार्यक्रम की सुरवात इंजि. नितीन झाडे इन्होने "मेरे दिल ने तडप, करते हुए "कभी कभी मेरे" तसेच "परदेशीय" स्वाती खडसे साथ गाकर की। बाद में मनपाचे निवृत्त डेप्युटी इंजिनिअर अनिल पिल्ले इन्होने "थोडीसी जो पिली है " जाने क्या सोचकार ', "आज तुमसे दूर होकर" ओर नागपुर मनपा के ज्यू. इंजि. पुष्पा जोगे,साथ इतना "तो याद है" गाकर की।
बाद में मनपा नागपुर के सब डिव्हिजनल इंजिनिअर सुनिल गजभिये, राज्य के कृषी विभाग के इंजि. सुहास आंबूलकर, सार्वजनिक बांधकाम विभाग भंडारा के सेक्शनल इंजि. राहुल ठाकूर, केडीके कॉलेज के प्रो. डॉ. पंकज गजभिये, इंजि. अश्विन भोकरे, सार्वजनिक बांधकाम विभाग नागपूर के इंजि. निशा धाबेकर, इंजि. विजया वाईनदेशकर, इंजि. स्वाती खडसे इन्होने मेरे दिल ने, कभी कभी मेरे दिल में, 'तेरी दुनिया से हो के, परदेशिया, थोडीसी जो पी ली है, जाने क्या सोचकर, इतना तो याद है, मंजिले अपनी जगह है, एक रास्ता है जिंदगी, आ के 'तेरी बाहो में, इस प्यार से मेरी, तेरे चेहरे से नजर, मेरा दिल भी कितना पागल है. अशी विविध रंगो के गाने गाणी एकल और युगुल रूप में पेश की। ऑनलाइन दर्शकों ने इस आयोजन पर जबरदस्त प्रतिक्रिया दी।
