तू जिन्दगी को जी उसे समझने की कोशिश ना कर...
'एक कदम जीवन की ओर' पर सटीक परिचर्चा
नागपुर। वर्तमान समय में सामाजिक तनाव के कारण बढ़ती खुदकुशी जैसी घटनाओं के मद्देनजर दयानंद आर्य कन्या विद्यालय व कनिष्ठ महाविद्यालय के सांस्कृतिक सभागृह में खुदखुशी या खुद की खुशी (एक कदम जीवन की ओर) कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। नागपुर के सुप्रसिद्ध आध्यात्मिक मानसशास्त्रज्ञ डॉ प्रबोध के मुख्य आतिथ्य में इस सटीक परिचर्चा का आयोजन किया गया।
दयानंद आर्य कन्या विद्यालय एवं कनिष्ठ महाविद्यालय की प्राचार्या तेजिन्दर वेणुगोपाल ने डॉक्टर प्रबोध का परिचय देते हुए उनकी अनगिनत उपलब्धियों से सभी को अवगत कराया। प्राचार्या ने अत्यंत सुंदर कविता तू जिंदगी को जी उसे समझने की कोशिश ना कर के माध्यम से जीवन को अत्यंत धैर्य व संयम तथा सकारात्मकता के साथ जीने का आह्वान किया। तत्पश्चात पर्यवेक्षिका मोनिका सिंघेल व भावना बेलानी, जूनियर कॉलेज अध्यापिकाओं सोनल चावला, संगीता ज्ञानचंदानी ने खुदकुशी के हालातों, खुदकुशी के कारणों, बच्चों पर बढ़ते मानसिक दबाव तथा ऑनलाइन गेम्स का बच्चों पर प्रभाव आदि सामायिक प्रश्नों को डॉ प्रबोध के समक्ष रखा।
सभी प्रश्नों के समाधान कारक उत्तर देते हुए डॉ प्रबोध ने बताया कि उचित पारिवारिक वातावरण, बच्चों को समय व स्नेह देकर तथा जीवन शैली में परिवर्तन लाकर खुदकुशी की घटनाओं को काफी हद तक कम किया जा सकता है। व्यवहारिक उदाहरणों द्वारा डॉ प्रबोध ने अत्यंत प्रभावशाली ढंग से खुदकुशी के कारणों तथा उपायों पर प्रकाश डाला। चर्चा के दौरान डॉ प्रबोध ने बताया कि जीवन में तनाव, संघर्ष एवं परेशानियां क्षणिक हैं। सभी मुश्किलों का सामना करते हुए ही हमें जीवन जीना है। जीवन बहुत सुंदर है। इन सकारात्मक विचारों के साथ डॉ प्रबोध ने सभी शिक्षिकाओं में नई ऊर्जा का संचार किया।
कार्यक्रम का संचालन हर्षा मानवटकर तथा आभार प्रदर्शन प्राजक्ता भोसले ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में तकनीकी सहयोग महक आडवाणी तथा सोनाली लांजेवार ने दिया।
आर्य विद्या सभा के अध्यक्ष श्री अशोक कृपलानी, सचिव श्री राजेश लालवानी, इंचार्ज श्री वेद प्रकाश आर्य तथा सभी पदाधिकारीगणों ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सभी को बधाई दी।