आल इंडिया ब्राह्मण संगठन ने भारतीय आदिम जाति सेवक संघ को दी भेंट
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नागपुर। पितृपक्ष के अवसर पर आल इंडिया ब्राह्मण संगठन, नागपुर की ओर से आदिम जाति सेवक संघ को महिलाओं ने बड़ी संख्या में वहां रहने वाली अर्धविक्षिप्त, दुखी, परित्यक्ताओं, महिलाओं को उनके उपयोग हेतु नई चादरें, कम्बल, साड़ियां एवं फल आदि भेंट किये। 1948 में गांधीजी, टक्कर बाबा ने इस संघ की स्थापना की थी।
इनका मुख्य कार्यालय दिल्ली में है और भारत के 30 स्थानों में इसकी शाखाएं है, जहां पर अनाथ, बालसदन व महिला सशक्तिकरण के विभिन्न कार्य मुख्य उद्देश्यों को लेकर चल रहे हैं। कार्यक्रम का आरम्भ अध्यक्षा रति चौबे ने ही किया। संघ की वरिष्ठ व कार्यकुशल संचालिका मालवीय मैडम ने अपने वक्तव्य में संघ के क्रिया कलापों को विस्तार से बताया। हेमा तिवारी ने भी बताया की यहां जो भी लड़कियां हैं वे जीवन से निराश हो चुकी थी पर यहां उन्हें मानसिक तौर से समाधान मिलने से अब वे खुश है।
काउन्सलर सुहाना खेडेकर ने कहा कि मैं शांतिपूर्ण, ढंग से दिशानिर्देशक के रुप में यहां कार्यरत हूं, मेरा प्रयास है की इन असहाय तिरस्कृत, मानसिक रोगी, घरों से ही पीड़ित, त्रस्त सी महिलाओं को मैं एक आत्मविश्वास से जीना सिखाने की कोशिश कर रही हूं, जो जीना भूल ही गई वे जी रही है अब। अध्यक्षा रति चौबे ने भी उनकी सराहना करते हुए कहा की आज बहुत से घर ऐसे हैं जहां पर रोज महिलाओ को प्रताड़ित किया जाता है, वे अपना अस्तित्व ही भूल गई है, वे जीना भूल गई, उन्होंने कहां कि यदि आपको यहां मानसिक शांति मिल रही तो यहां रहो, पर जीना सीखो, निराश ना रहो, क्योंकि जीवन बड़ा ही खूबसूरत है। उर्जित रहो, अपना आत्मबल बढ़ाओ, अपने को अच्छे से पहिचानों। कुछ देर उन लड़कियों में हमने जीने की ललक देखी वे मुस्कराई, खिलखिलाई।
कार्यक्रम में दर्शना, नारायणी, रेखा, आशा, स्नेहा आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए, वे खुश रहना चाहती है, मुक्त आकाश में उड़ना चाहती है पर उनके ही परिवार ने उनका व्यक्तित्व ही बदल डाला, कैसी विडम्बना है ? कहां जाएं, ये ना घर में जगह ना बाहर। संस्था ने आश्वासन दिया इस अवसर पर रति चौबे, उपाध्यक्ष रेखा पांडे, कोषाध्यक्ष ममता शर्मा, सचिव उषा हिन्दारिया व सह सचिव संध्या चौबे व
जनसमपर्क अधिकारी मीना तिवारी, डा, चित्रा तूर, पिंकी दुबे, स्मिता दुबे, व्यवस्थापिकाएं शानू शर्मा, हनी चौबे, शशी भार्गव, मंजू, शीला, पुष्पा, सुनीता, व संस्था की सभी बहनें, स्मिता, शीला दुबे, अंशुल दूबे, मंजू बाचपेयी उपस्थित रहीं। संघ की तेजू, आशा आम्रपाली, कल्पना,राधा, नेहा, श्रृद्धा, आरती, मंगला, मिश्री, अर्चना, शिताभी आदि उपस्थित रहीं।
