राकेश गांधी 3 अक्टूबर को लेंगे 31 वें तपस्या के पच्चक्खाण
पच्चक्खाण के साथ होगी मासक्षमण तपस्या की पूर्णाहुति
नागपुर। तपस्वी रत्ना तप चक्रेश्वरी प. पू. श्री चंदनबालाजी म.सा., जिनशासन प्रभाविका मधुर व्याख्यानी प. पू. श्री पदमावतीजी म.सा. आदि ठाणा 6 के शुभ सानिध्य में प्रधानमंत्री मुद्रा लोन योजना, नागपुर के अध्यक्ष एवं श्री ओसवाल पंचायती, नागपुर के महामंत्री राकेश शांतीलाल गांधी गत 30 दिनों से निरंतर तपस्या कर रहें हैं।
रविवार 3 अक्टूबर को वर्धमान नगर स्थित स्थानक में सुबह 9 से 10 बजे प्रवचन के दरमियान वें महासति चंदनबालाजी के मुखारविंद से 31 वें तप के पच्चक्खाण ग्रहण करेंगे। पच्चक्खाण के साथ ही गांधी की मासक्षमण तपस्या की पूर्णाहुति होगी।
जैन धर्म में तपस्या को मोक्ष का चौथा द्वार बताया है। तपस्या से जन्म मरण की श्रृंखला को कम किया जा सकता है। जैन धर्म जबरदस्त है, लेकिन यहां जबरदस्ती नहीं है। हम अपनी अनुकुलता के अनुसार नवकारसी जैसे छोटे संकल्प से लेकर मासक्षमण जैसी बड़ी तपस्या कर सकते हैं। निरंतर 31 दिनों तक तपस्या करें तो उसे एक मासक्षमण कहा जाता है।
राकेश के माताजी सौं कमलेश देवी शांतीलाल गांधी निरंतर सत्रह वर्षों से विभिन्न प्रकार की कठिन तपस्याएं कर रही है, उन्ही से प्रेरित होकर राकेश गांधी ने भी पहली बार सफल प्रयास किया। आने वाले दिनों में भी चातुर्मास समाप्ति तक इसी प्रकार तपस्या को दौराने का उनका मानस है।
राकेश गांधी की इस तपस्या पर श्री चंदनबालाजी म.सा., पदमावतीजी म.सा., चारुप्रज्ञाजी म.सा., सूर्यवंदनाजी म.सा., शासनवंदनाजी म.सा., वीतराग वंदनाजी म.सा. सभी साध्वीयों ने अनुमोदना करते हुए शासन माता से उनकी तपस्या सरलता से निभ जाए इसकी प्रार्थना की। श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ के सम्माननीय पदाधिकारियों ने एवं गांधी परिवार ने राकेश गांधी के तपस्या की सुखसाता पुछते हुआ अनुमोदना की एवं रविवार को सुबह पच्चक्खाण के कार्यक्रम में अधिक से अधिक लोगों को उपस्थित रहने का नम्र निवेदन किया है।