अथक परिश्रम के साथ धैर्यपूर्वक आगे बढ़ो : अनिल सहाने
उभरते सितारे में 'पारिवारिक गीतो' का हुआ रंगारंग आयोजन
नागपुर। विदर्भ हिंदी साहित्य सम्मेलन का उपक्रम 'उभरते सितारे', जिसमें 'पारिवारिक गीत' का सफल आयोजन किया गया. जिसके अंतर्गत नवोदित कलाकारों ने माता पिता, भाई बहन, दादा दादी, नाना नानी के रिश्तों पर आधारित सुमधुर गीतों से पारिवारिक रिश्तों की गरिमापूर्ण महिमा सुनाई.
इस कार्यक्रम में अतिथि द्वय के रुप में कास्टिंग डायरेक्टर, एक्टर, स्क्रिप्ट राइटर अनिल सहाने और अंतरराष्ट्रीय क्वीन पेजर विजेता साक्षी मेश्राम उपस्थित थे. इनका स्वागत युवराज चौधरी, अनोभा और वैशाली मदारे ने किया. अपने संबोधन में अनिल सहाने ने नवोदित कलाकारों को कई महत्वपूर्ण निर्देश देते हुए, उन्हें अथक परिश्रम के साथ धैर्यपूर्वक आगे बढ़ने का मार्ग सुझाया.
तत्पश्चात पारिवारिक गीतों को किमया नन्हई, शाश्वत गजभिए, प्रियाली देशपांडे, चेतश्री डाहाके, रुपेश नन्हई, पूर्वा कांबळे, शर्वरी उमाठे, सार्थक खडसे, पलाश घोड़के, जुही घोडके, आलेख सतदेवे और रौनक रूंगटा ने शानदार गीत प्रस्तुत किए. दिलकश नृत्य की सुंदर छटा कु. चंदा डाहाके, कृष्णा इरपाचे, कार्तिक बिजवे, शिव बागड़े, वंश जयशिगपुरे, हितेश डाहाके, भानवी सिल्लारे, अद्विका बोबडे, निधि रेहपाडे, रुचि रेहपाडे, पूर्वी वैद्य, रोशनी बांबल ने बिखेरी.
कार्यक्रम में वैशाली मदारे और घनश्याम नन्हई ने सहयोग किया. इस अवसर पर रमेश अय्यर, सुनिलकुमार श्रीवास्तव, लता ताम्हणकर, पल्लवी उधोजी, योगिता कांबडे, वैशाली खडसे, प्रो. सुनिल भगत, अनिरुद्ध खडसे, शशिकांत बनकर, संतोष बुधराजा, डॉ. करुणा आटे, सीमा लूहा, इकबाल बेरा, मीनाक्षी केसरवानी, प्रा. लिपिका चक्रवर्ती ने बच्चों का हौसला बढ़ाया. कार्यक्रम का संचालन युवराज चौधरी ने किया.