एपीएमसी चुनावो में मोटवानी सबसे मजबूत दावेदार
नागपुर। नागपुर कृषि उत्पन्न बाजार समिति संचालक मंडल के चुनाव 23 अक्टूबर को होने जा रहे है। व्यापारी और आढ़तिया में से 2 संचालक चुने जायेगे। मंगलवार को लिस्ट की जांच के बाद 15 नाम लगाए गए है हालांकि नाम वापस लेने की आखरी तारीख 12 अक्टूबर है। इन नामों में चार नाम ही ऐसे है जो मैदान में बेहद मजबूत है।
इनमें से एक फ्रूट मार्किट, एक मिर्ची मार्किट एक धान्य बाजार से तथा एक न्यू ग्रेन मार्किट से है। इनमें से प्रथम तीन इसके पूर्व एक बार संचालक बन चुके है। वर्तमान में चुनावो में करीब 2200 वोट है अगर 60 प्रतिशत भी चुनाव हो तो 1300 वोट होंगे 600/700 वोट पाने वाला चुनाव जीत सकता है, न्यू ग्रेन मार्किट के व्यापारियों के करीब 400 वोट है और उनसे जुड़े लायसेंस धारकों के 400 वोट है। न्यू ग्रेन मार्किट के लगातार 27 सालों से सचिव और नगर सहित मुम्बई पूना चेम्बर में गत 30 वर्षों से व्यापारी वर्ग से जुड़े और अनेको व्यापारी आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले वरिष्ठ समाजसेवी और जिन्होंने अपने क्षेत्र में अभी तक निर्विवाद कार्य किया है।
उन पर 30 वर्ष में कोई भी विवाद अभी तक नही हुआ है ऐसे प्रताप मोटवानी से हमारे समाचार पत्र की तरफ से चुनावो के संदर्भ में बातचीत की। मोटवानी ने हमारे प्रतिनिधि से बात कर बताया कि वह नागपुर एपीएमसी मार्किट की सभी समस्याओं से पूरी तरह वाकिफ है। उन्होंने दाल पर मंडी सेस हटाने के आंदोलनों में सक्रिय भूमिका निभाई। चावल कनकी से मंडी सेस हटाने के लिए अत्याधिक प्रयास किये। अनाज पर वैट नही लगने और एलबीटी जैसे कई आंदोलनो में उन्होंने सक्रिय कार्य कर व्यापारियों में अपनी अलग जगह बनाई है।
मोटवानी ने बताया कि वह 30 वर्षो से व्यापारिक क्षेत्र के अलावा धार्मिक, सामाजिक, अपने सिंधी समाज, रेलवे कमेटी के अलावा राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य करते आ रहे है। जीवन की आधी जिंदगी उन्होंने सेवा भाव मे बिताई है। एपीएमसी चुनावों में इस बार डायरेक्टर पद पर चुनाव लड़ने के बारे में कहा।कि उनके एसोसिएशन से अध्यक्ष संतोषकुमार अग्रवाल भी एक बार डायरेक्टर रह चुके है मोटवानी ने बताया कि हमारे अनाज बाजार को जिस कंडीशन में कलमना शिफ्ट किया गया वह अभी तक पूरी नही हुई है।
नए लायसन्स नही बन रहे है दुकानें ट्रांसफर नही हो रही है। कई वर्षों से जो दुकाने बनी है उसका वितरण नही हो रहा है। न्यू ग्रेन मार्किट का अलग से गेट तथा सड़को की हालत खस्ता ,पीने के पानी की व्यवस्था नही होने तथा शौचालय गंदे होने और सबसे बडी समस्या एपीएमसी की लापरवाही से हमारा न्यू ग्रेन मार्किट का व्यापार दिनों दिन चौपट हो रहा। मंडी सेस के कारण कलमना का व्यापार घट गया है और मार्किट के बाहर का व्यापार फलफूल और बढ़ रहा है। मार्किट में सुविधाएं कोसों दूर है।
मार्किट में सुरक्षा की कमी से चोरियां और दुकानों में बिजली भी एपीएमसी द्वारा खुद मनमाने दर पर दी जाती है। दुकानों के ऊपर का भाग छत की मालकियत नही दी गयी है। दुकानों के पूरे पैसे लेने के बाद सरकारी रजिस्ट्रेशन नही होने से बैंकों से लोन नही मिल पाता। याने दुकानों की पूरी राशि मिलने के बाद भी मालकियत पूरी तर्क कानूनी ढंग से नही है। मनपा का मार्किट में कोई हस्तक्षेप नही होने के बाद भी भारी मात्रा में मनपा का टैक्स देना होता है।
ऐसी बहुत सारी समस्याए हर मार्किट से जुड़ी है। एक जानकार, जागरूक और सक्रिय कार्यकर्ता होने के नाते मेरे व्यापारियो की सभी समस्याओं का हल करने के लिए वह पहली बार यह चुनाव लड़ रहे है।
मोटवानी ने बताया इस चुनावो में राजनीतिक पार्टी से ज्यादा खुद की पहिचान कार्य क्षमता और व्यापारियों के भरोसे से जीत मिल सकती है। इसीलिए उन्होंने कहा वह बिना पैसे बिना कोई ताम झाम या व्यर्थ पैसे लगा कर चुनाव लड़ेंगे।
वह कोई रैली नही निकलेंगे, ना ही पैसों की कोई बर्बादी करेंगे। और व्यापारी मतदाताओं को मेरी कार्य क्षमता पर भरोसा होंगा वह मुझे चुन कर लाएंगे।अगर वह चुनाव जीतते है तो कोई विजय जुलूस या रैली नही निकलेंगे। वह यह चुनाव नाम के लिए नही व्यापारियों के काम करने के लिए लड़ रहे है।।उनका भरोसा और विश्वास जितना मेरा उद्देश्य है।इसीलिए उन्होंने चुनाव का फॉर्म भी सादगी से बिना दिखावे और भीड़ भाड़ के बिना स्वयंम भरा। मोटवानी ने कहा कि अगर व्यापारी भाई मुझे योग्य समझेंगे तो जिताएंगे। वह पर्सनली मतदाताओं से वोट के लिए आग्रह करेंगे। अगर वह चुन कर आते है तो निस्वार्थ व्यापारी हित में कार्य करेंगे। युवा व्यापारियों का उन्हें बेहद साथ है। सभी अनाज व्यवसायी उनके चुनाव लड़ने पर बेहद खुश है। अब आने वाले 24 अक्टूबर को एपीएमसी का परिणाम आने पर यह स्पष्ट हो जाएगा।