यातायात की बढ़ती हुई समस्या के लिए मध्य नागपुर राकांपा का ज्ञापन
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नागपुर। शहर की घनी आबादी वाले क्षेत्र में यातायात व्यवस्था हमेशा जटिल और असंतोषजनक रही है। ऐसे में ट्रैफिक का दबाव बहुत अधिक हो जाता है। उस तुलना में व्यवस्थाएं बहुत कम है। अधिकतर चौकों पर जाम रहता है, जिसके कारण थोड़ी सी दूरी भी बहुत लंबी लगने लगती है। सड़कें भी टूट-फुट गई है। राष्ट्रवादी काँग्रेस पार्टी के शहर अध्यक्ष दुनेश्वर पेठे के मार्गदर्शन में व राकांपा मध्य नागपुर अध्यक्ष रिज़वान अंसारी के नेतृत्व में प्रतिनिधी मंडल ने पोलिस उपायुक्त (वाहतुक) नागपुर शहर श्री. सारंग अवाड को एक ज्ञापन सोंपा और निम्नलिखित बिंदुओं पर पुनर्विचार करने की मांग की।
1) यातायात जाम शहर की मुख्य समस्याओं में से एक है। लोग परेशान है और ट्रैफिक पोलिस केवल खानापुर्ती कर टाइमपास कर रही है। इसका मुख्य कारण अवैध पार्किगं व नियमों के उलट भारी वाहनों का दिन में बाजार में घुसना है। ट्रेफिक कंट्रोल कमेटी ने नियम लागु किया है। जिसके तहत सुबह 8 से शाम 8 बजे तक बड़े व कमर्शियल वाहन शहर में दाखिल नहीं हो सकते। इन वाहनों के घुसने से ट्रैफिक की समस्या पैदा होती है। इसके बावजूद ट्रैफिक पोलिस चौराहों में खड़ी सारा तमाशा देखती रहती है। यही नहीं, ट्रैफिक पोलिस अधिकारी समस्या का निवारण करने के बजाए चालान काटने में व्यस्त रहते हैं।
2) शहर के सबसे व्यस्त इतवारा क्षेत्र में सारा दिन जाम की स्थिती रहती है। वन-वे (One-Way) पॉलिसी को दरकिनार कर जिसका जहाँ जाने का दिल करता है, वह वहीं वाहन लेकर निकल पड़ता है और नतीजा ट्रैफिक जाम हो जाता है। यह एकमात्र चौक नहीं है। इसके अलावा सिताबर्डी, महल, गांधीबाग आदि क्षेत्रों में पोलिस अधिकारी ना होने से घंटों ट्रैफिक जाम रहता है।
3) मोमिनपुरा क्षेत्र में तो 24 घंटे मे से 14 घंटे यातायात जाम रहता है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि यहाँ रात के 12 बजे भी ट्रैफिक जाम हो जाता है। पुरे मार्केट में दिन भर ट्रैफिक जाम होने पर भी ट्रैफिक पोलिस अधिकारी कभी यहाँ नहीं रहते और ना ही अपना फर्ज समझते है। यही नहीं, यहाँ आने जाने वाले लोग भी वाहनों को बीच सड़क खड़े करके शॉपिंग करने चले जाते है या रेस्टॉरेंट में खाने चले जाते है, ट्रैफिक जाम होने का एक बड़ा कारण यह भी है।
4) शहर में बहुत सारे चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल बंद है और बहुत सारे चौराहों पर सिग्नल की कुछ ही बत्तियाँ काम करती है और कुछ नहीं। उन सभी सिग्नल की बत्तियों को जल्द से जल्द दुरुस्त करना चाहिए।
5) ट्रैफिक की समस्या को दूर करने के लिए अब बहुत से चौराहों पर ट्रैफिक पोलिसकर्मी नहीं रहते, लेकिन देखने में आया है कि किसी एक जगह 8 से 10 ट्रैफिक पोलिसकर्मी छुपकर खड़े हो जाते है। जो भी 2 पहिया वाहन चालक हेलमेट या मास्क नहीं लगाया होता है तो अचानक उसके सामने आ जाते हैं और रोक कर चालान काटते है। अगर वाहन चालक ने वाहन रोका तो ठीक है, अन्यथा दुर्घटना का अंदेशा रहता है। इसमे वाहन चालक और पोलिसकर्मी दोनों को जान का खतरा है। पोलिसकर्मी को ऐसा ना करने के निर्देश देना चाहिए।
6) इतवारी, गांधीबाग, महल, मोमिनपुरा, सदर यह सब बहुत घनी आबादी वाले क्षेत्र है। यहाँ मेट्रो का काम भी चालु है। यातायात विभाग की ज़िम्मेदारी है कि वह यातायात को नियंत्रित करें। वहाँ सिर्फ मेट्रो के कर्मचारी नियंत्रण कर रहे है। जिन्हें ट्रैफिक की समझ तक नहीं है।
7) नागपुर रेल्वे स्टेशन जाने के लिए या रेल्वे स्टेशन से बाहर निकल कर जाने के लिए बहुत दूर से U-Turn होने के कारण लोग Wrong Side वाहन चलाते है, जिस्से दुर्घटना का खतरा है। इसकी रोकथाम के लिए किंग्सवे हॉस्पिटल के सामने और मेयो हॉस्पिटल के सामने यातायात पुलिसकर्मी को हमेशा नियुक्त करना चाहिए।
8) शहर में बड़े ज़ोर से बिल्डिंग निर्माण का काम चालु है और जितने भी बड़े-बड़े मॉल, शॉपिंग सेंटर, बिज़नेस सेंटर, भवन, सभागृह, लॉन, हॉटेल, रेस्टॉरेंट आदि बन रहे है, उनके पास पार्किगं नहीं होने के कारण लोग रोड पर ही वाहन पार्क करते है। जो कि ट्रैफिक जाम का एक मुख्य कारण है। अगर उनके पास पार्किगं नहीं है तो उन्हें निर्माणकार्य की अनुमति ना दी जाए। ऐसी मांग यातायात विभाग द्वारा म.न.पा. से की जानी चाहिए।
9) ऑटो रिक्शा वाहन चालक नियम के विरुद्ध ज्यादा से ज्यादा सवारी बैठाकर ले जाते है। उसके बावजूद यातायात विभाग उसपर कार्यवाही नहीं करता है। अगर दुर्घटना हुई तो इसका जिम्मेदार कौन होगा?
10) स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत सभी सिग्नल को स्मार्ट कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से जोड़ा जाना चाहिए। सभी सिग्नल पर हाई क्वालिटी कैमरा लगाना चाहिए। इस्से पुरे शहर की मॉनिटरिंग करना आसान हो जाएगी।
यातायात की समस्याओं को लेकर राकांपा के सभी पदाधिकारियों ने अपना अपना मत व सुझाव यातायात पोलिस उपायुक्त के समक्ष रखा। इस अवसर पर शिष्ठमंडल में नूतन रेवतकर, संतोष सिंह, सुनील लांजेवर, अरशद सिद्दीकी, अब्दुल शाहिद, इसराइल अंसारी, जावेद खान, रियाज़ खान, मोहसिन शाही, उषा चौधरी, जया देशमुख, मनीषा गोडबोले, अविनाश शेरेकर, नारायण बोरीकर, अल्ताफ अंसारी, राजेश तिवारी, प्रेम मुन्दाफळे, धनराज सदावर्ती, मो. शाहरुख खान, आरिफ खान, आरिफ ताजी, शेख सरफराज, मनोज चौके, शेख इसराइल, विनोद पगाळे, फिरोज खान आदि का समावेश था।