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नव वर्ष


सुखद शुभम्
नव बरस हो
हो चहुँ ओर सम्मान,
प्रित प्रीति में रमें,
ईश्वर का हो ध्यान।

नयी उर्जा,
नयी आशा,
नया उमंग,
असीम आनंद,
शांति सदा संग रहे
स्वस्थ्य रहे तन-मन।

नये आयाम,
नये रिश्ते,
नया युग,
नयी चाह,
प्रतिकूल माहौल में विचलित ना हो मन।

त्राहि-त्राहि अकाल- काल,
दिक ना सुझे
घना अंधकार,
हिम्मत ना हारें
जोश रहे हरदम।

काल कोठरी
भीषण अत्याचार,
व्याकुल हृदय
करे हाहाकार,
डगर ना छोड़ें
डटे रहें कदम।

- डॉ. शिवनारायण आचार्य 'शिव'
नागपुर (महाराष्ट्र)

काव्य 3758054569497761042
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