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अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 'अलबेली' का हुआ विमोचन



नागपुर की नवोदित कवयित्री रामकुमारी करनाहके की पुस्तक में नारी भाव के विभिन्न रूप

नागपुर। ईश्वर तेरी सुंदर कला हूँ मैं
खुद पर ही गर्वित हूं मैं
और क्यों न गर्व महसूस करूं
आखिर तेरी कल्पना हूँ मैं 
ये पंक्तियां है नागपुर की नवोदित कवयित्री रामकुमारी करनाहके की पुस्तक अलबेली की जिसका विमोचन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ज़ूम के जरिए सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ। जिसमें अतंरराष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा श्रेत्रों से अनेकानेक सुधी महिलाओं ने हिस्सा लिया तथा नारी सशक्तिकरण पर अपने भाव भी साझा किए।

अध्यक्षता की भारत से नागपुर के एसेंस इंटरनेशनल स्कूल की डायरेक्टर हेमा मेनन मैडम ने तथा प्रभावशाली वक्तव्य से सबका दिल जीत लिया। मुख्य अतिथि थी डॉ. थथीत मेनन अंडिनी इंडोनेशिया से। विशेष अतिथि निर्मला देवी कंडासामी मलेशिया से। सभी ने अपने अपने देश का प्रतिनिधित्व करते हुए नारी सशक्तिकरण पर अपने विचार रखे।

पुस्तक अलबेली की समीक्षा कवयित्री पूनम तिवारी हिंदुस्तानी ने की। उन्होंने बताया कि इस पुस्तक में नारी के भाव को विभिन्न रूप में दर्शाया गया है। अलबेली पुस्तक की प्रकाशक, सृजन बिंब प्रकाशन की निदेशक रीमा दीवान चड्ढा ने भी इस आयोजन में सहभागिता की तथा रामकुमारी को बधाई दी।

रामकुमारी ने इस पुस्तक का श्रेय अपने एसेंस इंटरनेशनल स्कूल के डायरेक्टर श्रीमान एवं श्रीमती मेनन को दिया तथा आभार व्यक्त किया प्रख्यात साहित्यकार डॉ. सागर खादीवाला का जिन्होंने इस पुस्तक में अपना आशीष प्रदान किया।

इस विमोचन समारोह मे इंडोनेशिया, मलेशिया, तायवान, अमेरिका, यूनान, इटली, भारत आदि देशो से लोग जुड़े थे। भारत से तनवीर खान, राजेश नामदेव तथा लक्ष्मी राव आदि बड़ी संख्या में लोग जुड़े। रामकुमारी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
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